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दरवाजा तोड़कर घर में घुसी पुलिस, वीडियो बनाने पर मोबाइल छीना

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गांव बढ़ेली भीख में रानी त्रिपाठी के घर मौजूद पुलिसकर्मी - फोटो : POWAYAN
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पुवायां। सेवानिवृत्त दरोगा के पुत्र के घर में छह पुलिसकर्मी दरवाजा तोड़कर घुस गए और तलाशी ली। इस दौरान आटा, चावल बिखेर दिए और बक्सों में रखे कपड़े निकाल कर फेंक दिए गए। बाद में गलत सूचना मिलने की बात कहते हुए पुलिसकर्मी चले गए। परेशान परिवार शुक्रवार को सीओ से मिला और जांच कर दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग की।
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गांव बड़ेली भीख निवासी सुनील त्रिपाठी की पत्नी रानी त्रिपाठी ने सीओ को बताया कि कुछ लोग उनसे रंजिश मानते हैं। विरोधियों ने उन्हें झूठे मामले में फंसा देने की धमकी दी थी। रानी त्रिपाठी के अनुसार उनके ससुर एसआई के पद से सेवानिवृत्त हुए हैं। विरोधियों ने पुवायां पुलिस से सांठगांठ कर ली। इसके बाद 19 मई की दोपहर तीन बजे एक दरोगा और पांच सिपाही उनके घर का दरवाजा तोड़कर जबरन अंदर घुस आए और तलाशी लेने लगे। कारण पूछने पर उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया।
पुत्री ने वीडियो बनाया तो दरोगा ने मोबाइल छीन कर वीडियो डिलीट कर दिए। घर में रखा आटा, चावल तक बिखेर दिया गया और बक्सों में रखे कपड़े आदि निकाल कर फेंक दिए गए। तलाशी में कुछ भी नहीं मिलने पर पुलिसकर्मी झूठी सूचना मिलने की बात कहते हुए निकल गए। पुलिस के घर में जबरन घुसने तलाशी लेने और अभद्र व्यवहार के कारण उन लोगों की मान प्रतिष्ठा को गहरा धक्का लगा है। महिला ने सीओ से मामले की जांच कर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। इंस्पेक्टर केबी सिंह ने बताया कि अवैध शराब बेचने की सूचना पर पुलिस दबिश देने गई थी। शराब बरामद नहीं हो सकी है।
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दूसरे हलके के थे दरोगा और सिपाही
रानी त्रिपाठी ने बताया कि उनका गांव बड़ागांव पुलिस चौकी के अंतर्गत आता है, लेकिन उनके घर जबरिया घुसने वाला दरोगा और सिपाही पुवायां थाने के थे। अगर कोई शिकायत थी तो बड़ागांव पुलिस चौकी को जांच करनी चाहिए थी। अधिकार क्षेत्र से बाहर दरोगा और पुलिसकर्मियों के घर में घुसने और तलाशी लेने के मामले की शिकायत वह मुख्यमंत्री तक से करेंगी।
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