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पुलिस ने लाठियां फटकार कर दर्शकों को खदेड़ा, बंद करा दिया रामलीला मेला

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तिलहर (शाहजहांपुर)। प्राचीन रामलीला मेला दोदराजपुर में मंगलवार रात मेला समापन के बाद नाटक मंचन चल रहा था। रात करीब दो बजे पुलिस ने रामलीला में कलाकारों और दर्शकों पर हमला कर दिया। पुलिस ने लाठियां फटकारते हुए पूरा मेला बंद करा दिया। इससे मेले में भगदड़ मच गई। डरी हुईं महिलाओं और बच्चों ने पड़ोसियों के घर में शरण ली। पुलिस की कार्रवाई से नाराज मेला कमेटी ने कैबिनेट मंत्री सुरेश खन्ना से संपर्क किया।
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उन्होंने थाना प्रभारी को फटकार लगाई। एसपी से दरोगा के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। कमेटी ने कार्रवाई न होने तक राजगद्दी निकालने से इनकार कर दिया है। मेले में रात लगभग दो बजे कार्यक्रम चल रहे थे। मौजमपुर पुलिस चौकी इंचार्ज संत कुमार राठी पुलिस और पीएसी के जवानों के साथ मेले में ड्यूटी पर थे। लोगों का कहना है कि एक ओर डांस पार्टी चल रही थी, जबकि दूसरी ओर राजा हरिश्चंद्र नाटक का मंचन हो रहा था।
एसआई संतकुमार राठी की कुछ कलाकारों से नोकझोंक हो गई। दरोगा राठी ने पहले डांस पार्टी बंद कराई फिर नाटक बंद कराया। कलाकारों ने विरोध किया तो पुलिस ने दर्शकों को खदेड़ना शुरू कर दिया। इससे वहां भगदड़ मच गई। दोदराजपुर की एक महिला ने बताया कि पुलिस ने महिला और बच्चों को भी नहीं बख्शा। भागते हुए हमारे मोहल्ले में आए महिलाओं और बच्चों को घर में शरण दी। वो काफी डरे हुए थे।
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लगभग एक घंटे चली पुलिस की कार्रवाई से मेला तहस-नहस हो गया। जानकारी मिलते ही मेला संयोजक सोनू खन्ना, रवि खन्ना, विपिन खन्ना, कमेटी अध्यक्ष हितेश गुप्ता सहित तमाम लोग वहां पहुंच गए। सोनू खन्ना ने पुलिस पर कार्रवाई न होने तक राजगद्दी निकालने से इनकार कर दिया है। इधर, व्यापारी नेता हितेश गुप्ता ने भी दरोगा के खिलाफ कार्रवाई न होने पर बाजार बंद करने की चेतावनी दी है। बताते हैं कि मेला कमेटी के कुछ लोग बुधवार सुबह कैबिनेट मंत्री सुरेश खन्ना के पास पहुंचे। घटना की जानकारी मिलने पर कैबिनेट मंत्री ने कोतवाल रविंद्र सिंह को फटकारा। एसपी से बात करके दरोगा के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
एसपी सिटी संजय कुमार ने बताया कि दरोगा की शिकायत मिलने के बाद उसे थाने से हटाकर प्रतीक्षा सूची में डाल दिया गया है। जांच कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
लोगों की आंखों देखी
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मैं हरिश्चंद्र नाटक का मंचन कर रहा था। पुलिस ने लाठी फटकारते हुए मेला बंद करा दिया। दर्शकों में भगदड़ मच गई। पुलिस ने महिलाओं-बच्चों को भी खदेड़ दिया। पुलिस का ऐसा रूप पहले कभी नहीं देखा। - राम सागर, कलाकार, नाटक मंडली।
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मेरा साउंड सिस्टम मंच के पास लगा था। मैं साउंड के पास बैठा था तभी पुलिस वाले डंडा फटकारने लगे। उन्होंने डंडे मेरे साउंड पर भी मारे। कहा कि इसे तुरंत बंद करो। महिलाओं और बच्चों को भी खदेड़ दिया। - आहिद, साउंड सर्विस
मैं बच्चों के साथ नाटक का मंचन देख रहा था। पुलिस के डंडे फटकारने से भगदड़ मच गई। ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं ने मेरे मोहल्ले में आकर शरण ली। - रितेश कुमार, दर्शक, मोहल्ला दोदराजपुर।
मैंने मेले में अपना टेंट लगाया है। रात में पुलिस ने आकर नाटक बंद करा दिया और सभी लोगों को वहां से डंडे मार कर खदेड़ दिया। सभी लोग भाग खड़े हुए। -विद्यासागर कारीगर टेंट ।
मेरी बहू और बच्चे परिवार के लोगों के साथ रात में नाटक देख रहे थे। पुलिस ने डंडे चलाकर दर्शकों को भगा दिया और मेला बंद करा दिया। चीखते-चिल्लाते मेरे बच्चे घर पहुंचे तब मुझे घटना की जानकारी हुई। -रमेश बाबा, निवासी दोदराजपुर।
दरोगा की हरकत से मेला कमेटी में आक्रोश है। योगी सरकार में इस तरह धार्मिक मंचन पर पुलिस की कार्रवाई निंदनीय है। घटना से मंत्री सुरेश खन्ना को अवगत करा दिया है। मैं पुलिस के अधिकारियों से दरोगा के निलंबन की मांग करता हूं। राजगद्दी निकालने का कार्यक्रम स्थगित कर दिया है। कार्रवाई के बाद ही राजगद्दी कार्यक्रम होगा। - सोनू खन्ना, मेला संयोजक
दरोगा ने नाटक देख रहे लोगों पर बेवजह डंडा चला कर नाटक का मंचन बंद करा दिया। नाटक देख रहे महिलाओं व बच्चों को डंडे मार कर खदेड़ दिया। यह घटना अति निंदनीय है। यदि दरोगा के खिलाफ कार्रवाई नहीं होती है तब व्यापारी बाजार बंद करने को विवश होंगे। -हितेश गुप्ता रिंकू, अध्यक्ष व्यापार मंडल/मेला कमेटी।
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