शाहजहांपुर। आंधी की वजह से शहरी व पुवायां इलाके का बिजली नेटवर्क ध्वस्त हो गया। तेज हवा के झोंकों में बिजली के पोल टूट गए। सप्लाई ठप होने से लोगों के सब्र का बांध टूट गया। अब्दुल्लागंंज में पॉवर हाउस के सामने लोगों ने धरना-प्रदर्शन कर बिजली निगम के खिलाफ नारेबाजी की। चौक में सुनहरी मस्जिद के पास लोग धरने पर बैठ गए। बहादुरगंज उपकेंद्र पर लोकल फाल्ट ठीक नहीं होने पर विरोध जताया। बिजली नहीं होने से पानी का संकट भी बना रहा।
बृहस्पतिवार की शाम को आंधी आने के बाद 5:48 बजे 33 केवी लाइन ठप हो गई थी। तेज हवा के झोंकों में कैंट, जीएफ कॉलेज, एसपी बंगला रोड, जमौर, पुवायां का बड़ागांव, गंगसरा, निगोही समेत कई इलाकों में पेड़ों की डाल टूटकर लाइनों पर गिर गई। नतीजतन खंभे उखड़ गए या फिर तिरछे हो गए। लाइनें टूट गईं और क्रास आर्म, इंसुलेटर आदि क्षतिग्रस्त हो गए। बिजली निगम की टीमों ने कार्य को शुरू किया, लेकिन देर रात तक आपूर्ति को बहाल करने में नाकाम रहे। लगातार चलने से इन्वर्टर डाउन हो गए। मोबाइल भी बंद हो गए। इसके चलते पूरी रात लोग बेहाल रहे। रात करीब 11 बजे भीषण गर्मी में बिजली नहीं मिलने पर लोगों ने अब्दुल्लागंज उपकेंद्र के सामने पुल पर धरना शुरू कर दिया। रोड जाम करते हुए बिजली निगम के खिलाफ नारेबाजी की। आधे घंटे के हंगामे के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और जेई से वार्ता कराई। दो घंटे में बिजली आने के आश्वासन पर जाम खोला गया। इसी तरह शुक्रवार को चौक में अकब मस्जिद कांच में नाराज लोगों ने सुनहरी मस्जिद के पास शाम करीब चार बजे धरना शुरू कर दिया। सूचना पर 45 मिनट बाद बिजलीकर्मी पहुंचे और लाइन को सही कर आपूर्ति को बहाल कराया। एसई जेपी वर्मा ने बताया कि करीब 110 पोल टूटे हैं, सर्वे के बाद संख्या बढ़ सकती है।
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बहादुरगंज में लोगों का हंगामा, सुनाई खरी-खोटी
-बहादुरगंज उपकेंद्र पर 33 केवी लाइन ट्रिप होने के बाद शुक्रवार तड़के 3:45 बजे बिजली आ सकी। लोग 13 मिनट ही पंखे, कूलर और एसी का आनंद ले पाए थे कि 3:58 पर फिर लाइन फेल हो गई। फिर 4:11 बजे आई और 5:30 पर चली गई। उसके बाद पूर्वाह्न साढ़े 11 बजे बिजली आई। बिजली की आवाजाही व लाइनों पर लोकल फाल्ट होने पर लोग भड़क गए। करीब डेढ़ बजे करीब 50 लोग उपकेंद्र पर पहुंच गए। उन्होंने हंगामा शुरू करते हुए आपूर्ति को बहाल करने की मांग की। तीस मिनट तक हंगामा चला। जमकर नोकझोंक हुई। इस बीच जिला जेल में बिजली गुल होने की शिकायत लेकर आए पुलिसकर्मियों को देखकर भीड़ चली गई।
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हथौड़ा और निगोही रोड पर सबसे पहले आई बिजली
-भीषण गर्मी में निगोही रोड उपकेंद्र के कर्मचारियाें ने काफी तेजी से काम निपटाया। उन्होंने रात करीब साढ़े 11 बजे बिजली की आपूर्ति को बहाल कर दिया। उसके बाद बिजली की आवाजाही लगी रही। वहीं हथौड़ा उपकेंद्र भी जल्द शुरू हो गया था। इसी तरह रोजा उपकेंद्र में चार घंटे के बाद सप्लाई मिल गई। सिटी पार्क फीडर लोदीपुर फीडर रात दस बजे व इंदिरा नगर फीडर करीब सात घंटे बाद शुरू कराया।
वीआईपी इलाकों में 24 घंटे से ब्लैकआउट
-शहर के कई वीआईपी इलाकों में 24 घंटे तक ब्लैकआउट रहा। गाेविंदगंज उपकेंद्र के डीएम कंपाउंड फीडर पर आंधी से करीब छह पोल टूटने से शुक्रवार रात आठ बजे तक बिजली नहीं आई। एक्सईएन से लेकर एसई तक अपडेट लेते रहे। अधिकारियों ने बिजली के लिए जेनरेटर का इंतजाम कराया। आनंदपुरम कॉलोनी में बिजली गुल होने पर पीने के पानी तक का संकट खड़ा हो गया।
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ट्रांसफार्मर नहीं बदलने पर जेई को बंधक बनाया, हंगामा
तिलहर। तहसील फीडर की सप्लाई बंद हो जाने से नाराज उपभोक्ता रात के समय ही विद्युत उपकेंद्र पर पहुंच गए। जेई से कहासुनी होने के बाद उन्हें बंधक बना लिया और जमकर हंगामा किया। बृहस्पतिवार को तहसील फीडर स्थित नगर के मोहल्ला पचासा क्षेत्र में रात में ट्रांसफार्मर खराब हो गया। लगभग दो घंटे तक बिजली नहीं आने पर नाराज उपभोक्ता विद्युत उपकेंद्र पहुंच गए। यहां पर पहले कर्मचारियों से नोकझोंक होती रही। उपभोक्ताओं के बुलाने पर जेई राजेश कुमार सैनी से उपभोक्ताओं ने नाराजगी जताते हुए कहा कि जब तक सप्लाई शुरू हो जाती कहीं जाने नहीं दिया जाएगा। कर्मचारियों ने कई घंटे की मशक्कत के बाद देर रात सप्लाई को शुरू कराया। शुक्रवार को दिन के समय भी अलग-अलग फीडरों पर कई मोहल्लों में बिजली सप्लाई बाधित रही।
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पुवायां में ब्लैक आउट, लोग बिजली गुल
-आंधी के दौरान 24 घंटे के बाद भी बिजली आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी है। एसई जेपी वर्मा खुद पहुंचे और कार्य का जायजा लिया। पुवायां टाउन, रुरल, गंगसरा, जेबां, खुटार, सुहेली निगोही आदि में बिजली की आपूर्ति बाधित रही। बिजली गुल होने से लोगों को काफी दुश्वारियों से दो-चार होना पड़ा।
करीब 110 पोल, 356 क्रास आर्म आदि क्षतिग्रस्त हुए हैं। एक ट्रांसफार्मर भी खराब हुआ है। शहरी क्षेत्र की आपूर्ति सुबह तक बहाल कर दी गई थी। जबकि ग्रामीण इलाके की सप्लाई को बहाल करने का प्रयास है।
जेपी वर्मा, एसई