मृतक अधिवक्ता कुलदीप सक्सेना के परिजनों को आर्थिक सहायता की मांग को लेकर एडीएम को ज्ञापन देते से?
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शाहजहांपुर। जलालाबाद के अधिवक्ता कुलदीप सक्सेना की गांव पिटारमऊ में गोली मारकर हत्या किए जाने की घटना को लेकर मंगलवार को वकीलों का गुस्सा फूट पड़ा। जजी कचहरी से लेकर कलक्ट्रेट तक वकीलों ने प्रदर्शन करते हुए हत्यारोपियों के खिलाफ रासुका लगाने की मांग की। इसके साथ ही पीड़ित परिवार को मुआवजा व सुरक्षा देने और पीड़ित परिवार को धमकाने वाले होमगार्ड को बर्खास्त करने की मांग की। कलक्ट्रेट में प्रदर्शनकारी वकीलों के बीच पहुंचकर एडीएम प्रशासन रामसेवक द्विवेदी, एएसपी सिटी दिनेश त्रिपाठी ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन लेकर उनकी मांगों पर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। वकीलों ने चेतावनी दी कि यदि एक सप्ताह में मांगे नहीं मानी गईं तो आंदोलन किया जाएगा।
जलालाबाद बार एसोसिएशन के पदाधिकारी मृतक कुलदीप सक्सेना के परिजन के साथ मंगलवार दोपहर शाहजहांपुर पहुंचे। यहां जजी कचहरी परिसर में सेंट्रल बार एसोसिएशन पदाधिकारियों के साथ बैठक कर कुलदीप सक्सेना के हत्यारोपियों पर कड़ी कार्रवाई कराए जाने और मृतक आश्रित को 50 लाख रुपये की आर्थिक सहायता, बेटे और बेटी की शिक्षा व बेटी के विवाह के लिए मुख्यमंत्री राहत कोष से सहायता दिलवाए जाने की मांग रखी गई। इसके साथ यह भी मांग रखी गई कि हत्यारोपी नसरूद्दीन, रिंकू, टिंकू का पिता शमशुद्दीन थाना अल्हागंज में होमगार्ड पद पर तैनात है। वह आरोपितों को लड़ाई के लिए उकसाता रहता था। लिहाजा शमशुद्दीन को होमगार्ड पद से बर्खास्त किया जाए। वकील कुलदीप सक्सेना के बंदूक का लाइसेंस की विरासत उनके बेटे के नाम की जाए और उसको रिवाल्वर का लाइसेंस दिया जाए। इस घटना के बाद परिवार को जानमाल का खतरा बना हुआ है। इसलिए परिवार को कम से कम तीन माह की सुरक्षा प्रदान की जाए। इन्हीं मांगों के साथ मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन लेकर वकील प्रदर्शन करते हुए कलक्ट्रेट पहुंचे। जहां प्रदर्शनकारियों के बीच पहुंचे एडीएम प्रशासन रामसेवक द्विवेदी, एएसपी सिटी दिनेश त्रिपाठी ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन लेकर उनकी मांगों पर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। इस दौरान जलालाबाद बार एसोसिएशन के अध्यक्ष रामप्रकाश यादव, महासचिव नारायण देव पाठक, सेंट्रल बार एसोसिएशन के अध्यक्ष जसविंदर सिंह बजाज, महासचिव अमित सिंह वर्मा, राजेश अवस्थी, अहमद दराज खां, एजाज हसन खां, आलोक द्विवेदी आदि वकील मौजूद रहे।