तिलहर। बंथरा में संपन्न किसान भानु प्रताप सिंह के मकान से नकदी व जेवरात समेत 29 लाख रुपये चोरी का पुलिस ने खुलासा कर दिया। पुलिस का दावा है कि पंखिया गिरोह ने वारदात को अंजाम दिया था। गिरोह के पांच सदस्य गिरफ्तार हुए हैं। उनके पास से 44 हजार रुपये, 32 ग्राम गला सोना व अंगूठी बरामद की गई।
आरोपियों ने निगोही के ऊन कलां व कल्यानपुर में भी चोरों ने वारदात की थी। सात दिसंबर की रात चोरों ने भानु के घर में धावा बोला था। चोर आभूषण व नकदी समेट ले गए थे। एसपी ने खुलासे के लिए एसओजी समेत चार टीमें लगाई थीं। एसपी देहात मनोज अवस्थी के नेतृत्व में पुलिस टीमों ने घटना का खुलासा कर दिया।
एसपी देहात ने बताया कि चोरी में बरेली के थाना कैंट के क्यारा गांव निवासी गैंग लीडर कलमा हुसैन, गबरू उर्फ आफताब निवासी घारम गोटिया थाना गढ़िया रंगीन, मंगल सिंह निवासी पिपरिया बांसखेड़ा थाना निगोही, तौसीम निवासी चमरुआ गौटिया थाना खुदागंज व शरमीन निवासी गांव खेड़ा बझेड़ा थाना जैतीपुर को गिरफ्तार किया है।
गैंग के सदस्यों को लूट की साजिश रचते समय गर्रा नदी पुल के पास रिंग रोड से पकड़ा है। उनके पास से 44 हजार रुपये, 32 ग्राम गला सोना और एक अंगूठी बरामद हुई है। पुलिस ने बताया कि गबरू पर बरेली, बदायूं, पीलीभीत और शाहजहांपुर में चोरी के 11 मुकदमे दर्ज हैं। कलमा पर बरेली और पीलीभीत में पांच मामलों में रिपोर्ट दर्ज है।
दिन में रेकी, रात में बोलते हैं धावा
-आरोपियों ने पुलिस को पूछताछ में बताया कि वह दिन में घूमकर संपन्न लोगों के मकानों को चिह्नित करते थे। रात में पूरा गैंग चोरी की वारदात को अंजाम देता था। कलमा हुसैन के कहने पर घटना करते थे। चोरी में मिलने वाले रुपयों को आपस में बांट लेते थे। जेवरात को फर्जी नाम और पता बताकर बेच देते थे।
बिक नहीं पाए हल्के आभूषण
-आरोपियों ने निगोही के गांव ऊनकलां में दो व तीन दिसंबर को चोरी करने की बात स्वीकार की। सात दिसंबर को कल्यानपुर के एक मकान में वारदात की थी। बरामद रुपये उसी चोरी के शेष हैं। ऊनकलां में मिला आभूषण हल्का था। इसलिए वह बिक नहीं पाया।