बंडा मंडी में आरएफसी केंद्रों के सामने लगा धान का अंबार। संवाद
- फोटो : जदुद्वारा संस्थान में पुस्तक विमोमन करते पर्यटन मंत्री ठा जयवीर सिंह
बंडा / पुवायां। पुवायां और बंडा मंडी में धान का अंबार लगे होने के बाद भी सरकारी खरीद रफ्तार नहीं पकड़ रही है। कहीं किसान धान भरी ट्रालियों को कतार में लगाए खड़े हैं, तो कहीं केंद्र पर धान डालकर रखवाली कर रहे हैं।
24 अक्तूबर तक बंडा मंडी में लगे आरएफसी के दस क्रय केंद्रों में किसी भी सेंटर 1500 क्विंटल से अधिक की खरीद नहीं हो सकी थी। पुवायां मंडी में आरएफसी के केंद्र संख्या दो और पांच पर दो-दो हजार क्विंटल से अधिक की खरीद को छोड़कर शेष का हाल सुस्त चल रहा है। पुवायां तहसील क्षेत्र में आरएफसी के अलावा अन्य कई एजेंसियों के भी क्रय केंद्र लगे हुए हैं।
24 अक्तूबर तक एफसीआई के पांच केंद्रों पर 3184, पीसीएफ के 14 केंद्रों पर 16247, पीसीयू के 12 क्रय केंद्रों पर 11347, यूपीएसएस के 11 केंद्रों पर 5451 क्विंटल और बंडा में लगे मंडी परिषद के केंद्र पर मात्र 838 क्विंटल धान की खरीद हुई थी।
डिप्टी आरएमओ बोले- खरीद की गति हुई तेज
डिप्टी आरएमओ राकेश मोहन पांडे ने बताया कि रविवार को पूरे दिन पुवायां और बंडा मंडी में भ्रमण पर रहे। पुवायां मंडी में ढाई से तीन सौ क्विंटल प्रति केंद्र खरीद हुई है। इसी तरह बंडा मंडी में भी प्रति केंद्र दो से तीन सौ क्विंटल धान की खरीद हुई है। खरीद की गति रविवार से काफी तेज हुई है। इसके लिए अतिरिक्त क्षेत्रीय विपणन अधिकारी रामकैलाश सोनकर की दोनों मंडियों में तैनाती की गई है। दो से तीन दिन में मंडी के अंदर लगा धान का अंबार समाप्त होगा और रोजाना आए हुए धान की उसी दिन तौल की व्यवस्था होगी।