शाहजहांपुर के बरेली मोड़ से संचालित अवैध स्टैंड की वजह से अनुबंधित बसों को सवारियां नहीं मिल पा रही हैं। खर्च नहीं निकलने पर बृहस्पतिवार को अनुबंधित बसों के मालिकों ने एआरटीओ को गाड़ी के कागज देकर वाहन सरेंडर करने की पेशकश रख दी। एआरटीओ ने दो दिन का समय मांगा है।
परिवहन निगम के अधीन संचालित 74 अनुबंधित बसों में 35 बसें शाहजहांपुर से बरेली तक संचालित होती हैं। यहां पर हर दस मिनट में बस रवाना की जाती है मगर बसों को यात्री नहीं मिल पा रहे हैं। बरेली मोड़ पर संचालित अवैध स्टैंड से ईको कार सौ रुपये में बरेली तक सफर करा रहीं हैं। ऐसे में रोडवेज बस में 134 रुपये किराया देकर लोग बैठना नहीं चाहते हैं।
ऐसी स्थिति में बसों का खर्च तक नहीं निकल पा रहा। इसे लेकर बृहस्पतिवार को 35 बसों के मालिक नियामतपुर स्थित एआरटीओ कार्यालय पहुंच गए। उन्होंने एआरटीओ को वाहन के कागज देकर सरेंडर करने की अपील की। अनुबंधित बस ऑनर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष निर्निमेष शर्मा ने कहा कि प्रत्येक बस से हर दिन चार हजार रुपये तक राजस्व दिया जाता है। फिर भी डग्गामार वाहन पर रोक नहीं लगाई जा रही। नुकसान में वाहन को चलाने को तैयार नहीं हैं।
अब डीएम से करेंगे शिकायत
एआरटीओ ने दो दिन का समय मांगा है। निर्निमेष शर्मा ने बताया कि इस मुद्दे को लेकर शुक्रवार को डीएम से मुलाकात करेंगे। इस मौके पर रामकुमार, पपिंदर सिंह, सर्वेश कुमार, निशांत सिंह, गौरव गुप्ता, रामगोपाल, अभिषेक गुप्ता, मोनू गुप्ता आदि मौजूद रहे।
एआरटीओ शांतिभूषण पांडेय ने कहा कि अनधिकृत रूप से संचालित वाहनों पर लगातार कार्रवाई की जा रही है। बरेली मोड़ पर चलने वाली ईको के खिलाफ अभियान चलाकर चालान और सीज करने की कार्रवाई की जाएगी।