शाहजहांपुर। विद्युत निगम प्रबंधन के आदेशानुसार दस हजार रुपये और इससे अधिक बकाया वाले बिजली कनेक्शन काटे जाने के दौरान तमाम बाकीदार उपभोक्ता बिजली चोरी में भी लिप्त पाए जा रहे हैं। ऐसे उपभोक्ताओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराए जाने पर वह अभियंताओं को धौंस देकर उन पर अनुचित दबाव बनाने की कोशिश कर रहे हैं।
बता दें कि शहरी डिवीजन में 33 केवी क्षमता वाले नौ उपकेंद्रों से जुड़े 85 हजार से अधिक उपभोक्ताओं में 4200 ऐसे चिह्नित किए हैं, जिन पर दस हजार रुपये और इससे अधिक बिजली बिल बकाया हैं। इन उपभोक्ताओं से विभाग को लगभग 5.5 करोड़ रुपये राजस्व वसूल करना है। खास यह है कि निगम प्रबंधन ने बकायेदार उपभोक्ताओं पर उदारता दिखाते हुए इस बार उन्हेें किश्तों में बकाया भुगतान की सुविधा दी है। इसके बावजूद वह कर्मचारियों को हेकड़ी दिखाने से बाज नहीं आ रहे हैं।
300 कनेक्शन काटने पर भी जमा हुए सिर्फ 22 लाख रुपये
एक अप्रैल से कनेक्शन चेकिंग के अभियान ने थोड़ी रफ्तार पकड़ी। अभियंताओं को उम्मीद थी कि बकायेदार उपभोक्ता बिलों के भुगतान मेें दिलचस्पी दिखाएंगे, लेकिन ऐसा हुआ नहीं। तब से अभी तक करीब 300 घरेलू और वाणिज्यिक कनेक्शन काटे जा चुके हैं। इसके बावजूद अभी तक सिर्फ 22 लाख रुपये बकाया बिजली राजस्व जमा हो सका जो कुल देयता का महज 2.5 प्रतिशत है।
एफआईआर दर्ज होने पर धमका रहे उपभोक्ता
विशेष अभियान के तहत शहर के ऐसे 23 उपभोक्ताओं के खिलाफ विद्युत अधिनियम के तहत विभागीय थाने में एफआईआर भी कराई जा चुकी है, जिन्होंने बकाया रकम जमा नहीं करने पर काटे गए कनेक्शन अपने स्तर से जुड़वाकर बत्ती जलानी शुरू कर दी। इनमें कुछ ऐसे उपभोक्ता भी हैं, जिन्होंने दोबारा कनेक्शन कटने और एफआईआर होने पर संबंधित कर्मचारियों को धौंस देकर धमकाने की कोशिश की, लेकिन इन मामलों में पुलिस कार्रवाई से बचने के लिए कर्मचारी अलग से कोई रिपोर्ट दर्ज नहीं कराते।
किश्तों में बिल जमा करने में आनाकानी कर रहे उपभोक्ता
विद्युत निगम की एकमुश्त समाधान योजना में पंजीकरण कराने वाले बकायेदार उपभोक्ताओं को 30 फीसदी देय धनराशि तत्काल जमा करनी होती थी। यही नहीं, शेष रकम दो किश्तों में जमा कराने के लिए उन्हें उन्हें संबंधित उपखंड कार्यालयों के चक्कर काटकर एसडीओ से लिखित स्वीकृति लेनी होती थी। इस बार बकायेदार उपभोक्ताओं को यह सुविधा दी गई है कि यदि वे चाहें तो ई-सुविधा पोर्टल अथवा विद्युत निगम की वेबसाइट पर तीन किश्तों में ऑनलाइन भुगतान कर सकते हैं। इसके बावजूद बकायेदार इस सुविधा का लाभ लेने में भी आनाकानी कर रहे हैं।
गत एक माह के दौरान शहरी क्षेत्र के बिजली उपभोक्ताओं से करीब 4.5 करोड़ रुपये जमा कराए जा चुके हैं, लेकिन राजस्व वसूली में नियमित बिल जमा करने वाले उपभोक्ताओं का योगदान अधिक है। चेकिंग के दौरान कर्मचारियों को उपभोक्ताओं के प्रतिरोध का सामना भी करना पड़ता है, लेकिन यह समस्या शहर की तुलना में ग्रामीण क्षेत्रों में अधिक है। -अभिषेक राय, उपखंड अभियंता (शहर), विद्युत निगम