कैंट एरिया जंगल में रविवार रात पिंजरों के बाहर बांधे गए दो बकरों का शिकार करने के बाद तेंदुआ सोमवार रात एक बार फिर से पिंजरे के पास पहुंचा, लेकिन बकरों को पिंजरे के भीतर बंधा देख तेंदुआ पिंजरे के अंदर न जाकर रविवार की रात शिकार के बाद पिंजरे के बाहर छोड़े गए बकरे के अवशेष को उठा कर ले गया। इसके बाद से वह ट्रैप नहीें हो सका।
कैंट एरिया जंगल में तेंदुआ को 12 दिन से ज्यादा हो चुके हैं। इस दौरान कई बार वह रिहायशी इलाकों में भी देखा गया। यहां किसी को नुकसान पहुंचाए बिना फिर से कैंट एरिया जंगज में पहुंच गया। वाइल्ड लाइफ, दुधवा नेशनल पार्क और पीलीभीत टाइगर रिजर्व के एक्सपर्ट की टीमें उसे पकड़ने में लगी हुई हैं। करीब 10 दिन बाद तेंदुए ने जंगल में दो स्थानों पर पिंजरों के पास बांधे गए बकरों का शिकार रविवार रात कर लिया था। इसके बाद सोमवार को टीमों ने दोनों स्थानों पर दो बकरों को पिंजरों के अंदर बांधा। चालाक तेंदुआ शिकार के लिए पिंजरों के करीब तो पहुंचा, लेकिन पिंजरे के भीतर बंधे बकरों को निवाला बनाने के लिए उसके भीतर नहीं घुसा। रविवार रात तेंदुए ने पिंजरे के बाहर जिन दो बकरों का शिकार किया था उनके अवशेष वहां पड़े थे। तेंदुआ उन्हीं बकरों के अवशेषों को खींच ले गया। उसके बाद तेंदुआ फिर नहीं दिखा। प्रभारी डीएफओ एमएन सिंह का कहना है कि तेंदुए ने बकरों को देख लिया है। एक बार वह शिकार कर चुका है। फिर से जरूर शिकार करेगा। इस बार वह जरूर पिंजरे में कैद हो जाएगा।