बाद में जागा पालिका प्रशासन, गंदगी हटाने मौके पर पहुंचे कर्मचारी
तेल टंकी रोड पर नाला की सफाई के लिए चलाए गए अतिक्रमण हटाओ अभियान के तहत तोड़े गए कब्जों के मलबे और निकाली गई गंदगी नहीं हटाने पर क्षेत्रीय लोग शुक्रवार को सड़क पर उतर आए। उन्होंने रोड जाम कर प्रदर्शन किया। ट्रैक्टर-ट्रॉली लेकर मौके पर पहुंचे पालिका के स्टाफ ने रोड पर सफाई अभियान शुरू करके क्षेत्रवासियों का गुस्सा शांत किया।
शहर में 19 बड़े नालों की सफाई का ठेका 1.2 करोड़ रुपये में दिया गया है। ठेकेदार तय होने के बाद डीएम ने नाला सफाई के संबंध में तैयार की कार्य योजना की समीक्षा की। इससे पता चला कि कई नालों पर आसपास के लोगों समेत दुकानदारों ने आरसीसी की स्लैब डालकर अथवा लकड़ी के पटले बिछाकर उसे अपने इस्तेमाल में लेना शुरू कर दिया है। तेल टंकी रोड के समानांतर बहने वाला नाला भी अतिक्रमण के शिकंजे में पाए जाने पर करीब दस दिन पहले नगरपालिका परिषद के अधिशासी अधिकारी ने दल-बल के साथ रोड पर भ्रमण करके नाला से अवैध कब्जे हटवाए थे।
इस दौरान नाले पर तोड़ा गया मलबा रोड के किनारे डाल दिया गया। बाद में नाले की सफाई कर सिल्ट समेत गंदगी के ढेर भी यह कहकर रोड के किनारे लगा दिए गए कि सूखने पर इसे हटवाया जाएगा। इसके बाद से पालिका स्टाफ ने उधर पलटकर देखने की जरूरत नहीं समझी। भीषण गर्मी में गंदगी के ढेर से उठती सड़ांध ने लोगों को सांस लेना मुश्किल कर दिया। रोड का आधा हिस्सा गंदगी और मलबा से घिरा होने पर वहां यातायात में अवरोध पड़ने लगा। क्षेत्र के लोगों ने नगरपालिका जाकर समस्या बताई पर कोई सुनवाई नहीं हुई, तो वे भड़क गए। मोहनगंज निवासी आशीष कुमार, बिट्टू सिंह, सोनू गांधी, नईम खां, अकरम आदि ने दोपहर करीब 12 बजे रोड पर नारेबाजी करके जाम लगा। इसकी भनक पाकर पालिका परिषद के प्रभारी सहायक अभियंता एसके कनौजिया सफाई कर्मियों के साथ ट्रैक्टर-ट्रॉली लेकर मौके पर पहुंचे और नागरिकाें को समझाकर मलबा हटाने का काम शुरू करा दिया।