अभिनेता सोनू सूद फाउंडेशन के नाम से ठगी का मामला सामने आया है। ठगों ने जन अधिकार पार्टी के ददरौल विधानसभा के प्रत्याशी रहे प्रदीप कुशवाहा से मोबाइल पर एनी डेस्क एप डाउनलोड कराते हुए 1100 रुपये उड़ा दिए। पीड़ित ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है।
चौक कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला मदराखेल निवासी प्रदीप कुशवाहा ने ट्विटर पर सोनू सूद फाउंडेशन के पेज पर सोनू सूद द्वारा गरीबों की कोरोना काल की मदद के वीडियो देख रहे थे। उनकी समाजसेवा से प्रभावित होकर सराहना भरा मैसेज लिखा, साथ ही जिला स्तर पर फाउंडेशन का कार्यालय खोलने की गुजारिश करते हुए अपना नंबर लिखते हुए मेसेज डाल दिया। कुछ देर बाद प्रदीप के पास फोन आया। उनसे पूछा कि लोगों की मदद के लिए कितने रुपये चाहिए, साथ ही एकाउंट नंबर पूछने के बाद एनी डेस्क एप मोबाइल में डाउनलोड करा लिया।
कुशवाहा के मुताबिक, फोन करने वाले ने आधार नंबर भी डालने को कहा, साथ ही खुद ही बताया कि पांच लाख रुपये भर दो। इतनी बड़ी रकम को सुनकर प्रदीप ने पूछा कि क्या उन्हें ये रुपये वापस तो नहीं करना पड़ेंगे। उन्हें जवाब मिला कि यह सोनू सूद फाउंडेशन है। वह ऐसे ही मदद करते हैं। पांच लाख रुपये भरने के बाद स्कैनिंग होने पर पूछा कि आपके इन बॉक्स में मेसेज आए हैं। उन्हें डिलीट कर दीजिए, जिसके बाद प्रदीप को शक हो गया। उन्होंने अपना एकाउंट चेक किया तो उनके खाते में पड़े 1125 रुपये में मात्र 25 रुपये ही बचे। प्रदीप ने फाउंडेशन के पेज पर जाकर ट्वीट करते हुए सोनू सूद के नाम पर ठगी होने की शिकायत भी की है। प्रदीप द्वारा शिकायत करने के बाद पुलिस मामले की जांच कर रही है।
हजार रुपये और भेजो, तब मिलेंगे पांच लाख रुपये
ऑनलाइन ठगी का शिकार होने के बाद प्रदीप सिंह कुशवाहा ने एक बार फिर से उसी नंबर पर संपर्क साधा। खुद को बीमार बताते हुए आर्थिक स्थिति ठीक न होने की बात कहते हुए रुपयों को वापस करने की गुजारिश की। वहां से स्पष्ट कहा कि पहले एक हजार रुपये भेजो, तब पांच लाख रुपये खाते में आ जाएंगे।
इन बातों का रखें ध्यान
- साइबर ठगी की सूचना तत्काल हेल्पलाइन नंबर 155260 या 112 पर दें।
- किसी भी वेबसाइट पर व्यक्तिगत जानकारी साझा करने से पहले अच्छे से जांच कर लें।
- किसी से रुपये प्राप्त करते समय यूपीआई, फोनपे, गूगलपे आदि पर अपनी आईडी पासवर्ड न डालें।
- किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा क्यूआर कोड को कभी स्कैन न करें।
यह मामला हमारे संज्ञान में हैं। मामले की जांच की जा रही है। ऑनलाइन ठगी करने वाले जल्द ही गिरफ्तार किए जाएंगे।
-अखंड प्रताप सिंह, सीओ सिटी