शाहजहांपुर। महिला मुक्केबाज लवलीना बोरगोहेन ने 69 किलो वर्ग के क्वार्टर फाइनल में चीनी ताइपे की निएन चिन चेन को हराकर सेमीफाइनल में जगह बना ली है। लवलीना ने बॉक्सिंग में पहला मेडल पक्का किया है। शटलर पीवी सिंधु ने भी कमाल का प्रदर्शन किया है। वह जापान की अकाने यामागुची को हराकर सेमीफाइनल में पहुंच गईं हैं। सिंधु मेडल जीतने से एक कदम दूर हैं। खेल प्रशंसकों का कहना है कि महिला खिलाड़ियों का प्रदर्शन देखकर मेडल प्राप्त होने की आस बरकरार है। अभी खिलाड़ियों और प्रशंसकों को उम्मीद है कि कई पदक देश के नाम होंगे।
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आर्य महिला डिग्री कॉलेज में एमकॉम फाइनल वर्ष की छात्रा अनीता कहती हैं कि वह कॉलेज में टेबल टेनिस, वॉलीबॉल, बैडमिंटन खेलती हैं और ओलंपिक में महिला खिलाड़ियों के प्रदर्शन से खासी प्रभावित हैं। उनके प्रदर्शन से साबित हुआ है कि अगर संसाधन मिलें तो छोटे जिलों से निकलकर महिलाएं पूरे विश्व में देश का नाम रौशन कर सकती हैं।
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किर्गिस्तान में एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहीं प्रतिभा सिंह ने बताया कि वह बैैडमिंटन की खिलाड़ी हैं। इस बार ओलंपिक में पीवी सिंधू से उम्मीद है कि वह पदक जरूर लाएंगी। ओलंपिक में महिलाओं का प्रदर्शन शानदार रहा है। निश्चित तौर पर उदीयमान खिलाड़ियों को इससे प्रेरणा मिलेगी। ओलंपिक में बेहतर प्रदर्शन से छोटे शहरों की प्रतिभाओं को प्रोत्साहन मिलेगा।
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बॉक्सिंग में रुचि रखने वाले रामबाबू ने बताया कि भारतीय महिला मुक्केबाज लवलीना का प्रदर्शन उन युवाओं को प्रोत्साहित करने वाला है, जोकि मुक्केबाजी में अपना कॅरियर बनाना चाहते हैं। उन्होंने काफी समय तक मुक्केबाजी का प्रशिक्षण लिया। अफसोस इस बात का है कि संसाधनों की कमी के कारण आगे नहीं बढ़ पाए। भारतीय खिलाड़ियों से काफी उम्मीदें हैं।
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बॉक्सिंग खिलाड़ी अनल प्रभात का कहना है कि किसी भी खेल में खिलाड़ी जीत के लिए हरसंभव प्रयास करता है। ओलंपिक में भी भारतीय खिलाड़ी बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं। हालांकि मेडल की संख्या अपेक्षाकृत नहीं है। इसके बावजूद महिला खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया है। मुक्केबाजी में मेडल जीतकर लवलीना ने देश का मान बढ़ाया है। अभी और पदक देश को मिलेंगे।