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अनहोनी की घर में नहीं दी खबर, रो-रोकर सूख गए आंसू

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गांव रोती-बिलखती मृतक रामू की पत्नी पूनम व अन्य महिलाएं। संवाद - फोटो : SHAHJAHANPUR
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शाहजहांपुर। कांट क्षेत्र के भंडेरी गांव निवासी भूरे और उसके भतीजा रामू भी हापुड़ की फैक्टरी में हुए हादसे का शिकार हुए हैं। सबसे बड़ा वज्रपात रामू की पत्नी पूनम पर टूटा है। वह पांच महीने के गर्भ से है। हादसे में पति और चचिया ससुर की मौत की जानकारी उसे नहीं दी गई। पूनम के बच्चे के दुनिया में आंखें खोलने से पहले ही उसके सिर से पिता का साया उठ गया है।
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50 वर्षीय भूरे अविवाहित थे। वह अपने भतीजे रामू (24) के पास ही रहते थे। मेहनत-मजदूरी कर उनके परिवार का खर्चा चलता था। रामू की जिंदगी की गाड़ी यहां की आमदनी से नहीं खिंच पा रही थी। गांव में रहकर 100 रुपये कमाना मुश्किल हो रहा था। लिहाजा, उसने बाहर जाने का मन बना लिया। गांव के तमाम युवक हापुड़ की फैक्टरी में काम करते थे। उसने भी अपने चाचा भूरे को साथ में चलने के लिए राजी कर लिया। 15 दिन पहले ही चाचा-भतीजे हापुड़ रवाना हुए थे। पत्नी पूनम से दूसरे या तीसरे दिन रामू की बात हो जाती थी।
रामू ने घर में आने वाले नए मेहमान को लेकर काफी सपने देखे थे। उनकी खुशियों को किसी की नजर लग गई। हापुड़ की फैक्टरी में शनिवार दोपहर आग लगने से चाचा भूरे और उनके भतीजे रामू की मौत हो गई। हादसे के बाद गांव में उनके परिवार को सूचना दी गई, लेकिन पांच महीने की गर्भवती पत्नी पूनम से पति की मौत की खबर को छिपा लिया गया। पूनम को यही बताया कि रामू झुलस गया है और अस्पताल में भर्ती है। रामू की भाभी रेखा सब कुछ जानते हुए भी पूनम के सामने अपने आंसू छिपाए हुए है। पूरी रात पूनम अपने पति के लिए प्रार्थना करती रही। रविवार शाम तक उसे पति की मौत की जानकारी नहीं दी गई। हालांकि अनहोनी की आशंका में रो-रोकर आंसू भी सूख चुके हैं। वह हर बार यहीं कहती है कि यदि रामू को कुछ हो गया तो उसके बच्चे का क्या होगा।
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रामू के माता-पिता की मौत पहले ही हो चुकी
रामू के पिता दर्शन सिंह की दो साल पहले ही बीमारी के चलते मौत हो गई थी। जबकि उसकी मां बचपन में ही गुजर गई थी। तीन लोगों की मौत से पूरे परिवार पर वज्रपात टूट पड़ा है। परिवार के अन्य लोग पूनम की स्थिति को देखते हुए दहाड़े मारकर रो भी नहीं पा रहे थे।
दो दिन पहले रामू ने फोन पर कहा था- अपना ध्यान रखना
रामू पत्नी पूनम को गांव में छोड़कर नहीं जाना चाहता था, लेकिन मजबूरी ने उसे गांव छुड़वा दिया। बताते हैं कि दो दिन पहले ही रामू ने अपनी भाभी को फोन किया था। भाभी रेखा ने बात करते हुए पूनम को फोन दे दिया था। उसने कुछ देर बात करते हुए कहा था कि अपना ध्यान रखना है। फिक्र नहीं करना, प्रसव से पहले ही तुम्हारे पास आ जाएंगे।
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