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Shahjahanpur News: बरसात से पहले नहीं हुई तैयारी... 14 माह बाद भी ड्रेनेज योजना अधर में

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नगर निगम परिसर में भरा बरसात का पानी। फाइल फोटो।
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शाहजहांपुर। बरसात में होने वाले जलभराव से निपटने के लिए शहर की ड्रेनेज सिस्टम कार्ययोजना तैयार नहीं हो सकी है। शासन से अप्रैल 2025 में परियोजना को स्वीकृति मिलने के बाद तीन करोड़ रुपये का बजट जारी किया गया था। 14 महीने के बाद भी डीपीआर तैयार नहीं हो सकी है। शासन स्तर से पेच फंसने पर बारिश में शहर की सड़कें फिर जलभराव से डूब जाएंगी।
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शासन ने प्रदेश के सभी 17 नगर निगमों में ड्रेनेज सिस्टम को सही करने के लिए कार्ययोजना को मांगा था। जल निगम की कंस्ट्रक्शन एंड डिजाइन सर्विसेज (सीएंडडीएस) ने प्रस्ताव बनाकर भेजा था। इसके बाद अप्रैल 2025 में परियोजना को मंजूरी मिल गई। पहले किस्त के रूप में शासन से तीन करोड़ रुपये का बजट भेजकर डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) बनाने के निर्देश दिए गए, लेकिन 14 महीने बीतने और बरसात नजदीक आने के बाद भी सर्वे शुरू नहीं कराया गया है।
इसके लिए तीन बार निविदा डाली गई, लेकिन स्वीकृत नहीं हो सकीं। अफसर बताते हैं कि राष्ट्रीय और प्रदेश स्तर की एजेंसियों ही इसका कार्य करती हैं। उनके निविदा नहीं डालने के चलते प्रक्रिया अटक गई है। अब शासन स्तर पर टेंडर प्रक्रिया को पूरी कराने की तैयारी है।
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यह होता है कार्य
निविदा प्रक्रिया पूरी होने के बाद संबंधित एजेंसी सीएंडडीएस की देखरेख में पूरे शहर के नालों और नालियों का सर्वे होता। इसमें नाले-नालियों की स्थिति को आकलन किया जाता। गहराई, ढलान आदि का खाका तैयार होता। जनसंख्या के हिसाब से नालों की चौड़ाई और गहराई का मानक तय किया जाता, लेकिन सर्वे अटकने से लोगों को फिर से बरसात में जलभराव से जूझना पड़ेगा।

शहर में हैं 28 बड़े और 155 छोटे नाले
शहर में 28 बड़े और 155 छोटे नाले हैं। जरा सी बारिश होने पर नाले ओवरफ्लो होने से जलभराव हो जाता है। नालों की चौड़ाई और ढलान सही नहीं होने से दिक्कत आती है। जिस वजह से जलभराव होता है।


यह हैं जलभराव वाले स्थान
नगर निगम, कवि तिराहा, लाल इमली चौराहा से लेकर घंटाघर तक जाने वाली मार्ग, अंटा चौराहा, मक्कू बजरिया, महमंद हद्दफ, लोहारों वाला चौराहा, अलीजई, जलालनगर, एमनजई जलालनगर, रोडवेज बस स्टैंड, स्टेशन रोड, लोधीपुर आदि।



टेंडर प्रक्रिया शासन स्तर से पूरा होने का इंतजार है। वहां से नामित एजेंसी यहां आकर नाले और नालियों का सर्वे करेगी और मास्टर प्लान तैयार होने के बाद रिपोर्ट देगी। उसके बाद ड्रेनेज के लिए आगे का बजट जारी होने पर काम होगा।
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-सौम्या गुरुरानी, नगर आयुक्त

ड्रेनेज मास्टर प्लान के लिए शासन स्तर पर टेंडर प्रक्रिया प्रगति पर है। जल्द ही प्रक्रिया पूरी होने पर संबंधित एजेंसी से कार्य शुरू कराया जाएगा।
- सुशील कुमार, स्थानिक अभियंता, सीएंडडीएस
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