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स्वर कोकिला के निधन पर शोक की लहर, गायकों-कलाकारों ने दी श्रद्धांजलि

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कार्टूनिस्ट सैफ असलम ने बनाया लता मंगेशकर का स्कैच - फोटो : SHAHJAHANPUR
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शाहजहांपुर। तुम मुझे यूं भुला न पाओगे, जब कभी भी सुनोगे गीत मेरे संग संग तुम भी गुनगुनाओगे। लता मंगेशकर और मो. रफी का गाया यह गीत रविवार को संगीत प्रेमियों की जुबान पर रहा। स्वर कोकिला लता मंगेशकर के निधन से चारों ओर शोक की लहर है। शहर में जगह-जगह श्रद्धांजलि सभा हुई। सुर साधक गायकों, कलाकारों, समाजसेवियों ने उन्हें श्रद्धा सुमन अपर्ति किए हैं।
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मंथन आर्ट्स के कलाकारों ने ताल नृत्य संस्थान में स्वर सम्राज्ञी भारत रत्न से सम्मानित लता मंगेशकर के निधन पर दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि दी। निदेशक शिवा सक्सेना ने कहा कि संयोग है कि ऐ मेरे वतन के लोगों.. गीत लिखने वाले कवि प्रदीप की आज जयंती है और इस गीत को अमर आवाज देने वाली लता दीदी की पुण्यतिथि भी आज ही हो गई। गीतकार और गायक दोनों की प्रखर राष्ट्रवादी रहे और सदा दोनों साथ ही याद किए जाएंगे।
पारस दीक्षित, अंशू साहू, अमित वर्मा, शंकर वर्मा, ऐश्वर्य, सागर श्रीवास्तव, अनमोल राठौर, सूरज कुमार, अर्पित कुमार, अतिथि, यश, मोहित कनोजिया आदि कलाकार उपस्थित रहे। शहर के जाने माने कार्टूनिस्ट सैफ असलम ने लता मंगेशकर का स्क्रेच बनाकर उनको श्रद्धांजलि दी। बोले कि विश्वास करना कठिन हो रहा है कि देश की सबसे सुरीली आवाज हमेशा के लिए खामोश हो गई है।
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हमेशा दिलों पर राज करती रहेंगी लता दीदी
कटिया टोला स्थित साईं कोचिंग सेंटर पर लता मंगेशकर को भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी गई। उनके चित्र के सामने मोमबत्ती जलाकर उन्हें नमन किया। प्रशिक्षक वंदना वर्मा ने कहा कि लता दीदी की आवाज का हर कोई दीवाना है। उनके गीत अमर हैं। भले ही वह संसार को अलविदा कह गई हों, पर वह कला प्रेमियों के दिलों पर हमेशा राज करती रहेंगी। वेंदाश वर्मा, गौरी, आदित्य,अर्चना सक्सेना आदि मौजूद रहीं।
लोगों की प्रतिक्रिया
स्वर कोकिला लता मंगेशकर का निधन संगीत जगत की एक अपूर्णनीय क्षति है। उनका जाना संगीत अध्याय के एक स्वर्णिम युग की समाप्ति है। वह एक लीजेंड सिंगर थीं, जो अपने पीछे 20 भाषाओं में गाए हुए 30 हजार गीतों का खजाना छोड़ गईं हैं। - नरेंद्र सक्सेना, प्रबंध निदेशक, क्रिएटिव आर्ट ग्रुप
साल 2019 में मैंने हरदोई जनपद में आयोजित लता मंगेशकर नाइट में प्रतिभाग किया था, जिसकी विजेता रही थी। लताजी के गाने बहुत अच्छे लगते हैं। सुबह सोकर उठी तो दीदी ने बताया कि लता मंगेशकर का निधन हो गया है। यह सुनकर काफी बुरा लगा और मन उदास हो गया। - अंशिका गुप्ता, गायिका
लता मंगेशकर धरती पर साक्षात माता सरस्वती जी का अवतार थीं। सुबह जब उनके निधन की खबर सुनीं, तब से मन बहुत उदास है। ईश्वर उनको पहले चरणों में स्थान दे। मैं लताजी और आशाजी के ही गाने गाती हूं। युवक बिरादरी की ओर से उनके गानों के लिए अवार्ड मिल चुका है। - शिखा, गायिका
वो आवाज जिसने देशभक्ति से सराबोर किया, जिसने प्यार को अर्थ दिए और उसी आवाज ने रिश्तों को भाषा दी। आज हमारे बीच नहीं रहीं, हर देशवासी को लताजी की कमी रुलायेगी। लेकिन उनकी आवाज हर दिल में हमेशा गूंजती रहेगी। यही कहेगी मेरी आवाज ही पहचान है। - मनोज मंजुल
सुरों की मलिका लता मंगेशकर का जाना एक दैदीप्यमान नक्षत्र के टूटने जैसा है। उन्होंने अपनी गायिकी से भारत की आवाज को पूरी दुनिया में पहुंचाई। वह अपनी अलौकिक प्रतिभा से वैश्विक स्तर पर आइकॉन बन गईं। उनके गीतों के माध्यम से वे हमेशा अमर रहेंगी। - कवि डॉ. इंदु अजनबी, साहित्यकार
वसंत पंचमी स्वर की देवी मां सरस्वती के पूजन का दिन था और आज सरस्वती विसर्जन के दिन स्वर कोकिला लता मंगेशकर का स्वर शांत हो गया। लता दीदी अब हमारे बीच नहीं रहीं, लेकिन उनके स्वर हमारे कानों में गूंजती रहेगी। - अवधेश मणि त्रिपाठी, संस्थापक व अध्यक्ष, संकल्प और योग विज्ञान संस्थान
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