अभिव्यक्ति नाट्य मंच के बैनर तले नाट्य लेखिका सूर्य कांति त्रिपाठी के अंग्रेजी नाटक ‘दाराशिकोह’ का मंचन किया गया। नाटक का उर्दू अनुवाद रहमान ने किया है। करीब दो दर्जन कलाकारों ने गांधी भवन में ऐतिहासिक नाटक की शानदार प्रस्तुति देकर भरपूर तालियां बटोरीं।
नाटक में मुगलकाल के स्वर्णकाल की पतनगाथा को उजागर किया गया। पूरा नाटक शाहजहां, दाराशिकोह, औरंगजेब आदि किरदारों के इर्द-गिर्द घूमता है। विषयवस्तु और घटनाक्रम के अनुरूप वेशभूषा और रूप सज्जा ने भी दर्शकों को प्रभावित किया। मंच सज्जा भी ठीक-ठाक रही। प्रेक्षागृह की अंतिम पंक्ति तक दर्शकों को आवाज पहुंचाने के लिए मंच पर माइक भी लगाए गए। इससे कलाकारों को अनावश्यक चीखना नहीं पड़ा और वे अपनी भूमिका के अनुरूप ही संवाद अदायगी करते रहे।
एनएसडी प्रशिक्षु कलाकार तसव्वर अली और उनकी गैर मौजूदगी में संस्था महासचिव शमीम आजाद के निर्देेशन में नाटक ने भरपूर वाहवाही लूटी। कलाकारों का अभिनय और संवाद अदायगी भी सराही गई। नाटक का मंचन सोमवार को भी किया जाएगा। मंचन में कृष्ण कुमार श्रीवास्तव ने दाराशिकोह, शमीम आजाद ने औरंगजेब, राजेश भारती ने शाहजहां, रचना सिंह ने जहांआरा, रीना राठौर ने रौशनआरा, अमित ने जय सिंह की भूमिका का दमदार अभिनय किया। इनके अलावा नदीम अख्तर, प्रवीण गौड़, अमित मिश्रा, मुनीश गंगवार, अनुराग राठौर, ऋषिकांत, राहिद शाह, महदी हुसैन, सर्वेश बादल, ऊषा सक्सेना, प्रभा मौर्या, रौशन जहां, ज्ञानेंद्र सिंह, मनोज कुमार, धनंजय त्रिवेदी, हीरा थिंद, शंकर लाल, ऋषभ, अरुण राठौर ने भी क्षमतानुरूप अभिनय कर तालियां बटोरीं।
डॉ. सुरेश चंद्र मिश्र के संचालन में हुए नाटक की व्यवस्थाओं में अरविंद चोला, गुलशाद, सुशील वर्मा, मुनीश गंगवार, राज कुमार, दिव्यांशु सिंह, मोहित पाठक, आनंद अमृत, अहमद अली, रिजवान सिद्दीकी, विनीत सिंह, संजय राठौर, सौरभ अग्निहोत्री, संजय डोनाल्ड सिंह, रामकरन राठौर, अतीक रहमान, विपिन मौर्या आदि का योगदान रहा।