जलालाबाद। क्षेत्र के ककराहा गांव में हुए दोहरे हत्याकांड के आरोपी मूलचंद्र उर्फ मुलायम के इरादे काफी खतरनाक थे। पुलिस की पूछताछ में आरोपी ने कई खुलासे किए है। अभी तक पुलिस समझ रही थी कि ईंट मारकर घायल करने के बाद सनोज को गोली मारी गई, लेकिन मूलचंद्र ने अपने बयान में जो बताया, वह सुनकर पुलिस भी दंग रह गई। मूलचंद्र गोली मारने के बाद सनोज का गला काटना चाहता था। वह हंसिये से गर्दन काटने का प्रयास कर रहा था तभी शोरशराबा होने पर भाग गया।
मूलचंद्र ने पुलिस को बताया कि उसके घर का कमरा अंदर से बंद था। आहट होने पर अंदर देखा तो प्रीति और सनोज थे। इस पर उसने दरवाजे की कुंडी बाहर से बंद कर घर में रखा तमंचा व छह कारतूस ले आया। पहली गोली सीने में लगने के बाद सनोज गिर पड़ा। बहन सनोज को बचाने दौड़ी तो उसको भी गोली मार दी। इससे उसकी मौके पर मौत हो गई। दूसरी गोली सनोज के पेट में मारी। तब भी उसकी सांसें चल रही थीं।
एक कारतूस मिस हो गया। इसके बाद उसने हंसिया उठाया और गला रेतने का प्रयास किया। तभी गोली चलने की आवाज सुनकर सनोज के परिजन और ग्रामीण उसके दरवाजे को खटखटाने लगे। लोग छतों पर चढ़कर उसके घर में झांकने लगे। तभी वह सनोज को छोड़कर भाग गया। चूंकि, हंसिये में खून लग गया था, इसलिए उसने गमछे में हंसिये को लपेट कर बजरी में दबा दिया। तमंचे को कमर में लगाकर वह भाग गया। इस बीच उसने तमंचे पर लगा खून भी साफ कर दिया था। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर हंसिये को बरामद कर लिया है।
सरेंडर करने आ रहा था हत्यारोपी, पुलिस ने रास्ते से गिरफ्तार किया
प्रीति और सनोज को गोली मारने के बाद आरोपी मूलचंद्र तमंचा और कारतूस लेकर गांव से भाग गया। वह सरेंडर करने जा रहा था, पर रास्ते में ही पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। आरोपी के चचेरे भाई साधुराम का कहना है कि मूलचंद्र चार पहिया वाहन में बैठकर सरेंडर करने गया था। गांव में चार गोली चलने के बाद भीड़ मूलचंद्र के घर के सामने जुट गई थी। इसका आभास होने पर मूलचंद्र सनोज को खून से लथपथ छोड़कर घर से भागा। हंसिये को उसने बजरी में दबा दिया। तमंचा और कारतूस उसके पास थे। वह सरेंडर करने के लिए थाने की ओर चल दिया।
दूसरी तरफ दोहरे हत्याकांड की सूचना पर पुलिस भी गांव पहुंच गई। मूलचंद्र का नाम सामने आने पर पुलिस ने उसकी तलाश शुरू की। ग्रामीणों ने बताया कि बारह पत्थर चौराहे की तरफ जाते देखा गया है। इसके बाद पुलिस की एक टीम को चौराहे की भेजा गया। पुलिस उसे गिरफ्तार कर थाने ले आई। दूसरी तरफ चचेरे भाई साधूराम ने बताया कि गांव के ही नर सिंह के साथ मूलचंद्र एक कार में सरेंडर करने गया था। पुलिस ने दोनों को थाने पर बैठा लिया। मंगलवार को पुलिस ने मूलचंद्र को जेल भेज दिया।
पुलिस पर मनमाना मुकदमा दर्ज करने का आरोप, र्प्राना पत्र दिया
ककराहा निवासी सनोज के बड़े भाई अनुज ने एसपी ग्रामीण को प्रार्थना पत्र देकर पुलिस पर मनमानी करते हुए मुकदमा दर्ज करने का आरोप लगाया। उन्होंने प्रीति के दो भाइयों, मां और पिता का नाम मुकदमे में शामिल करने की मांग की है। अनुज ने बताया कि सोमवार को सनोज उर्फ सोनू जैसे ही हाकिम के घर के पास पहुंचा। तभी मूलचंद्र, राजीव, सुशील, उनके पिता हाकिम, उसकी पत्नी ईश्वरवती, नरसी, आकाश, रवींद्र सनोज को पकड़कर घर के अंदर ले गए। सभी के पास नाजायज असलाह थे। अंधाधुंध फायरिंग कर सनोज को घायल कर दिया। इससे उसकी अस्पताल में मौत हो गई। घटना को सनोज की बहन रिम्पी, मां राधा ने काफी नजदीकी से देखा। आरोप लगाया कि पुलिस ने सिर्फ मूलचंद्र को आरोपी बनाकर खेल कर दिया। पीड़ित ने संबंधितों के नाम मुकदमे में शामिल करने की मांग की है।
-सनोज उर्फ सोनू के परिवार के कुछ लोगों ने प्रार्थना पत्र दिया है। वे मुकदमे में कुछ नाम बढ़वाने की मांग कर रहे हैं। पूरे मामले की विवेचना की जा रही है, जो भी तथ्य सामने आएगा। उसे मुकदमे में शामिल किया जाएगा।
संजीव कुमार वाजपेयी, एसपी ग्रामीण
सनोज का शव देख दहाड़े मार रोया परिवार
जलालाबाद। ककराहा गांव में सनोज का शव मंगलवार शाम करीब पांच बजे पोस्टमार्टम के बाद पहुंच गया। बेटे का शव पहुंचने पर पूरे परिवार में कोहराम मच गया। पिता रामसरन, बड़ा भाई अनुज, मां राधा, बहन शालू, भाभी रिम्पी दहाड़े मारकर रो पड़े। परिजन ने शव का अंतिम संस्कार कर दिया। मंगलवार शाम को शव के घर पहुंचने पर पुलिस अलर्ट हो गई। दोनों पक्षों के आमने-सामने आने की संभावना के चलते पुलिस तैनात की गई है। परिजनों ने गांव के पास ही अंत्येष्टि स्थल मोक्षधाम पर उसका अंतिम संस्कार कर दिया। संवाद