शाहजहांपुर। विधानसभा चुनाव का प्रचार अपने अंतिम पड़ाव पर पहुंच चुका है। प्रत्याशी एक-एक वोट को साधने की जुगत में लगे हैं। सुबह से लेकर शाम तक उम्मीदवार वोटरों की चरणवंदना करने में जुटे हैं। ऐसे में उम्मीदवारों को उन वोटरों की याद भी आई है, जो जनपद से दूर रोजगार या नौकरी के सिलसिले में गए हुए हैं। उन परदेसी बाबुओं को वोट डलवाने के लिए बुलाने का सिलसिला शुरू हो गया। कुछ ने घर वापसी कर ली है तो तमाम आने की तैयारी में हैं।
चुनाव चाहे कोई भी हो, इसमें एक-एक वोट की अपनी अहमियत होती है। प्रत्येक वोट को अपने पक्ष में डलवाने के लिए प्रत्याशियों की टीमें सक्रिय हो गईं। वोटरों को साधने के साथ मतदाताओं की घेराबंदी भी शुरू हो गई, जिससे वोट छिटकने नहीं पाए। चुनाव की तारीख नजदीक आते ही जागरूक मतदाता अपने वोट की कीमत को जानते हुए परिवार के साथ वापस वोट डालने के लिए आना शुरू हो गए हैं। मल्टीनेशनल कंपनियों या सरकारी जॉब करने वाले तमाम लोग चुनाव से पहले अपने घर आ गए हैं। जबकि बड़ी संख्या में लोग 13 फरवरी की शाम तक और लोग आ जाएंगे।
रिश्तों की दुहाई और खर्च का वादा कर बुलाया
-जनपद में रोजगार का अभाव होने पर जिंदगी की गाड़ी को खींचने के लिए शहर व ग्रामीण इलाके के सैकड़ों लोग परदेस में रहकर जीवनयापन कर रहे हैं। ऐसे मजदूरीपेशा परिवारों के मुखिया से उम्मीवादरों ने संपर्क साध उन्हें रिश्तों की दुहाई देते हुए वोट देने के लिए बुलाया, साथ ही आने-जाने का खर्च भी देने का वादा किया। बात यहीं पर खत्म नहीं होती है। नेता जी ने जीतने पर कालोनी और शौचालय बनवाने समेत अन्य योजनाओं का लाभ दिलाने का वादा किया है।
पहले तैयार हो गई थी परदेसी वोटरों की सूची
-विधानसभा चुनाव के समर में ताल ठोंकने के लिए तैयारी करने वाले नेताओं ने परदेसी वोटरों की सूची पहले ही तैयार कर ली थी। प्रत्येक परिवार में कितने वोटर परदेस में निवास कर रहे। अब वह सूची काम आई।