शाहजहांपुर। परिवार नियोजन के साधन अपनाने और नसबंदी कराने में महिलाएं पुरुषों से काफी आगे हैं। आंकड़ों पर नजर डालें तो वर्ष 2021-22 में 3001 महिलाओं ने नसबंदी कराकर परिवार को संतुलित रखने का काम किया। जबकि नसबंदी कराने वाले पुरुष मात्र 29 थे। इस वित्तीय वर्ष में भी पुरुष नसबंदी में जिले की स्थिति काफी खराब है।
जनसंख्या को नियंत्रित करने व परिवार को नियोजित करने के लिए पुरुष अन्य साधनों का उपयोग करते हैं पर नसबंदी कराने से कतराते हैं। विभाग के तमाम प्रयास के बाद भी पुरुष नसबंदी का आंकड़ा बेहतर नहीं हो पा रहा। पिछले वर्ष की बात करें तो मात्र 29 पुरुषों की नसबंदी कराने में स्वास्थ्य विभाग सफल हुआ था। वहीं पुरुषों से ज्यादा महिलाओं ने जागरूकता दिखाते हुए नसबंदी को अपनाया। पिछले वर्ष 3001 महिलाओं की नसबंदी हुई थी। 10456 को कॉपर-टी लगाई गई थी। जबकि 17606 प्रसव के बाद कॉपर-टी लगी थी।
दूसरी तरफ वर्ष 2022-23 में स्वास्थ्य विभाग की स्थिति परिवार नियोजन को लेकर बेहतर नजर नहीं आ रही है। तीन महीने में परिवार नियोजन के लिए काफी प्रयास करने के बाद भी वित्तीय वर्ष 2022-23 में पुरुष नसबंदी की स्थिति शून्य है। महिला नसबंदी भी 373 ही हो पाई हैं। इसी तरह 1525 आईयूसीडी (कॉपर टी) 2140 पीपीआईयूसडी (प्रसव के बाद कॉपर-टी) और 1277 महिलाओं के त्रैमासिक अंतरा इंजेक्शन लगा है।
- परिवार नियोजन के साधन के उपयोग के लिए लोगों को जागरूक किया जा रहा है। इस वर्ष अभी पुरुष नसबंदी नहीं हो सकी है। जल्द ही अभियान शुरू होने वाला है। उसमें लोगों को जागरूक कर परिवार नियोजन के साधन अपनाने व नसबंदी के लिए प्रेरित किया जाएगा। - नवीन कुमार, विशेषज्ञ, परिवार नियोजन