बंडा उपमंडी के बाहर हाईवे पर खड़ी धान लदी ट्रैक्टर ट्रॉलियां। संवाद
बंडा। उप मंडी स्थल के क्रय केंद्रों पर कई दिन से धान की तौल नहीं होने से भीषण सर्दी में किसान धान की ट्राॅलियों के साथ मंडी गेट पर हाईवे के किनारे ठिठुर रहे हैं। इनमें कई ऐसे किसान हैं, जो कई दिन से सर्द रातें खुले आसमान के नीचे बिताने के लिए मजबूर हैं।
उप मंडी में 24 क्रय केंद्र धान की तौल के लिए निर्धारित किए गए हैं। किसानाें का कहना है कि उन्हें न तो धान की तौल को टोकन दिया जा रहा है और न ही उनकी ट्राॅलियां मंडी के अंदर ले जाने की अनुमति दी जा रही है। ऐसे में कोहरे के चलते हाईवे पर कभी भी कोई हादसा हो सकता है। मंडी में गत शनिवार को लगभग 35 ट्राॅलियां का टोकन काटा गया। उनमें से 17 ट्राॅलियां अब तक बाहर खड़ी हैं।
हर क्रय केंद्र पर कागजों में रोजाना लगभग 300 क्विंटल धान की तौल दिखाई जा रही है। किसानों का आरोप है कि उनके नाम से जारी कागजों पर बिचौलियों की तौल दिखाने के लिए उनका अंगूठा लगवाया जा रहा है। किसान सत्यपाल ने बताया कि वह शुक्रवार को धान लेकर आए थे। तब से नेशनल हाईवे के किनारे लाइन में लगे हुए हैं। टोकन नहीं काटा जा रहा है।
रामबहादुर ने बताया कि छह दिन पहले धान लेकर मंडी आए थे लेकिन आज तक धान की तौल नहीं की गई। ठंड में रहने से तबीयत खराब हो रही है। डिप्टी आरएमओ राकेश मोहन पांडेय के अनुसार इस बारे में मंडी के अधिकारियों से बात करके किसानों के धान की तौल जल्द कराई जाएगी।