शाहजहांपुर। लॉकडाउन लागू होने के दौरान जिले के ग्रामीण क्षेत्र में जो मजदूरपेशा लोग खाली बैठे थे या फिर दिहाड़ी छिनने के कारण देश-प्रदेश के अन्य हिस्सों से घर लौटे थे, उन्हें मनरेगा से जोड़कर उनकी रोजी-रोटी का इंतजाम करना शुरू कर दिया गया है। मंगलवार से जिले की अधिकांश तहसीलों में एक साथ मनरेगा के काम शुरू करा दिए गए। हालांकि अभी कुछ जगह तकनीकी दिक्कतें भी सामने आ रही हैं लेकिन अफसरों का दावा है कि इन्हें एक-दो दिन में सुलझा लिया जाएगा।
तिलहर में एक साथ शुरू हुए कच्चे-पक्के निर्माण कार्य
तिलहर। मनरेगा मजदूर काम बंद होने से एक माह से घरों पर बैठे थे। दिहाड़ी नहीं मिलने से उनके सामने रोजी-रोटी की समस्या आ गई थी, लेकिन अब कच्चे-पक्के निर्माण से जुड़े काम शुरू होने से उन्हें काफी राहत मिली है। लगभग तीन दर्जन ग्राम पंचायतों में सड़क और आवास निर्माण के कार्य सामाजिक दूरी बनाकर किए जाने शुरू कर दिए गए हैं। क्षेत्र के गांव बिलहरी, बढ़ेपुरा, धर्मपुर कंजा आदि कई गांवों में मनरेगा के तहत कच्ची सड़कों का काम शुरू हो गया है। अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी (मनरेगा) कुलदीप सिंह ने बताया कि लगभग तीन दर्जन से अधिक ग्राम पंचायतों में मजदूर काम पर लौट आए हैं। उन्होंने बताया कि एक सप्ताह में सभी 71 ग्राम पंचायतों में मनरेगा से सड़कों और आवासों का कार्य शुरू हो जाएगा और मस्टर रोल बनाकर मजदूरों का पैसा सीधे उनके खातों में भेजा जाएगा।
कार्यस्थल पर हैंडवाश, सैनिटाइजर की व्यवस्था
पुवायां। शासन से अनुमति मिलने के बाद क्षेत्र की कई ग्रामसभा में मनरेगा श्रमिक काम पर लगा दिए जाने से उन्होंने राहत की सांस ली है। लॉकडाउन घोषित होने पर मनरेगा के काम रुकने से विकास कार्य थमने से गरीब तबके के मजदूपेशा लोग खासे परेशान थे। मंगलवार को कई गांवसभाओं में मिट्टी कार्य शुरू करा दिया गया। इस दौरान श्रमिकों के लिए हैंडवॉश, सैनिटाइजर आदि की व्यवस्था भी की गई और कई बार उनके हाथ धुलवाए गए। साथ ही एक दूसरे से दूर रहकर काम करने और मास्क, अंगौछा आदि बांधे रखने के निर्देश दिए गए। बता दें कि विकास खंड में 78 ग्राम पंचायतें हैं और शुरुआत में पांच ग्राम पंचायतों में तालाब खुदवाने, उनकी सफाई कराने और चकरोड पर मिट्टी कार्य शुरू किए गए हैं। अन्य 17 ग्राम पंचायतों में प्रधानमंत्री आवासों पर काम शुरू कराया गया। मनरेगा एपीओ अमरेश सिंह ने बताया कि क्षेत्र की कुल 78 में 22 ग्राम पंचायतों में मनरेगा श्रमिक काम पर लगा दिए गए हैं और शेष गांवों में भी जल्द काम शुरू कराए जाएंगे।
निगोही में 488 श्रमिकों को मिला काम
निगोही। ब्लॉक की 79 ग्राम पंचायतों में दस हजार से अधिक मनरेगा श्रमिक पंजीकृत हैं और उनमें से पहले दिन 488 श्रमिकों को काम मिलना शुरू हो गया है। खंड विकास अधिकारी गोविंद बल्लभ पाठक के अनुसार जरूरतमंदों का सर्वे किया जा रहा है और बहुत जल्द ऐसे सभी श्रमिकों को रोजगार से जोड़ा जाएगा।
जलालाबाद में आड़े आई तकनीकी दिक्कत
जलालाबाद। अन्य जनपदों से आए और घरों पर पहले से खाली बैठे श्रमिकों को गांव में ही रोजगार मुहैया कराने के लिए सरकार ने मनरेगा के काम शुरू करने की सशर्त अनुमति दी है, लेकिन तकनीकी दिक्कत के चलते मंगलवार को क्षेत्र की किसी भी ग्राम पंचायत में काम शुरू नही हो सका है। मनरेगा के तहत गांवों में अधूरे आवासों के निर्माण और जल संरक्षण के कार्य प्राथमिकता से कराने के निर्देश हैं, लेकिन स्टीमेट तैयार करने वाली आईडी अभी अपडेट न होने से अभी कोई काम आगे नहीं बढ़ सका। एपीओ (मनरेगा) बलवेंद्र विक्रम सिंह ने बताया कि ऑनलाइन स्टीमेट वाली सिक्योर आईडी अभी चालू नहीं होने से नए काम के स्टीमेट अपलोड नही हो रहे हैं, लेकिन इस समस्या का समाधान जल्द हो जाएगा। एपीओ के अनुसार बुधवार से उन सभी गांवों में काम शुरू करा दिया जाएगा, जहां लॉकडाउन से पहले चल रहे काम अधूरे छूट गए थे। ऐसे सभी गांवों को चिन्हित कर लिया गया है।
कलान में गेहूं कटाई के कारण नहीं मिले मजदूर
कलान। क्षेत्र की 57 ग्राम पंचायतों में से 22 में मनरेगा के कार्य प्रस्तावित हैं। इनमें ग्राम पंचायत जखिया, शिवपुरी, तिहार खेड़ा, रामपुरा, बाराकलां, इमामपुर, खजूरी आदि शामिल हैं, लेकिन गेहूं की कटाई के कारण मजदूर नहीं मिलने से मनरेगा के कार्य अभी शुरू नहीं हो सके। खंड विकास अधिकारी राम शंकर के अनुसार इन गांवों में बुधवार से काम शुरू हो जाएगा। उन्होंने बताया कि सभी रोजगार सेवकों को मजदूरों से सामाजिक दूरी समेत कोरोना संक्रमण से बचाव को अन्य निर्देशों का पालन कराने के निर्देश दिए गए हैं।
मंजूरी में लटके कार्य प्रस्ताव
जैतीपुर। क्षेत्र में खाली बैठे मनरेगा श्रमिकों को रोजगार से जोडने के लिए कई ग्राम पंचायतों में कार्य प्रस्ताव बना लिए गए हैं, लेकिन उन्हें अभी मंजूरी नहीं मिल सकी है। एडीओ पंचायत प्रेम सागर यादव के अनुसार मनरेगा के कई मजदूर कोरोना के डर से अभी काम करने को इच्छुक नहीं है, लेकिन उन्हें समझाया जा रहा है। बीडीओ डॉ. विजय प्रताप यादव ने बताया कि कार्य प्रस्ताव स्वीकृति की प्रक्रिया में हैं और एक-दो दिन मेें सभी ग्राम पंचायतों मेें अधूरे कार्य शुरू करा दिए जाएंगे।
जिले में मनरेगा के 1.51 लाख एक्टिव जॉबकार्ड धारक हैं और चालू वित्त वर्ष में जनपद को 40 लाख मानव कार्य दिवस सृजित करने का लक्ष्य दिया गया है। बाहर से आए जो भी लोग काम करने के इच्छुक होंगे, उन पर जॉब कार्ड की बाध्यता लागू नहीं होगी। काम में जुटे श्रमिकों से कोरोना के मद्देनजर सभी सावधानियों का पालन कराया जा रहा है।
- हसीब अंसारी, उपायुक्त, मनरेगा