शाहजहांपुर। बीस दिन बीतने के बाद भी सरकारी केंद्रों पर गेहूं की खरीद रफ्तार नहीं पकड़ सकी है। वहां नमी, सत्यापन समेत तमाम तरह के मानकों के पालन का झंझट है, जबकि निजी में नकद भुगतान के साथ ज्यादा कीमत मिलने से खरीद ढाई गुना तेज दाैड़ रही है।
मंडियों में 20 हजार टन गेहूं अभी तक पहुंचा है, लेकिन सरकारी खरीद सिर्फ 8025 टन की हो सकी है। होली के बाद 17 मार्च से जिले में गेहूं की खरीद शुरू हुई थी। 2425 रुपये प्रति क्विंटल की दर से 155500 टन गेहूं खरीद का लक्ष्य शासन की ओर से निर्धारित किया गया है। 197 केंद्र बनाए गए हैं।
अब तक 17,500 किसानों का पंजीकरण कराया जा चुका है। सरकारी क्रय केंद्रों में कम खरीद के पीछे पंजीकरण की अनिवार्यता के साथ क्रय केंद्रों के कर्मचारियों की मनमानी सामने आ रही है। किसानों का कहना है कि 24 घंटे में खाते में खरीद का भुगतान भेजने की बात कही जाती है, लेकिन ऐसा होता नहीं है। गेहूं में नमी का बहाना बनाकर लौटा दिया जाता है।
खुले बाजार में तत्काल नकद भुगतान हो जाता है तो नमी या पंजीकरण का झंझट भी नहीं है। आढ़तों में रुपये भी किसानों को ज्यादा मिल जाते हैं।
भूपराम निवासी ग्राम चितरऊ
भूपराम निवासी ग्राम चितरऊ
भूपराम निवासी ग्राम चितरऊ
भूपराम निवासी ग्राम चितरऊ