ढाईघाट पर पर्व स्नान के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा को गंगा तट पर बांस-बल्लियां लगाकर की गई बै
परौर/कलान। माघी पूर्णिमा बुधवार को है। पर्व स्नान के लिए प्रशासन और जिला पंचायत ने ढाई घाट गंगा तट पर सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं।
इस दौरान श्रद्धालुओं को ज्यादा गहरे पानी की ओर जाने से रोकने के लिए बांस-बल्लियाें पर रस्सी बांधकर बैरीकेडिंग की गई है। गोताखोर भी तैनात कर दिए गए हैं। पौराणिक मान्यता के अनुसार, ढाई घाट गंगा तट पर श्रंगी ऋषि ने तपस्या की थी। वहां प्रमुख पर्वों पर गंगा स्नान के लिए हजारों श्रद्धालु उमड़ते हैं। इन दिनों वहां मेला रामनगरिया भी लगा हुआ है, जहां सैकड़ों श्रद्धालु एक माह से कल्पवास कर रहे हैं।
पिछले दिनों मौनी अमावस्या पर भोर से लेकर दोपहर बाद तक हजारों श्रद्धालुओं ने स्नान किया था। इस दौरान कल्पवास करने वाले श्रद्धालुओं के तमाम परिजनों के आ जाने से ढाई घाट से जुड़ने वाले कई रास्तों पर जाम के हालात बन गए थे। इस वजह से पुलिस प्रमुख मार्गों पर यातायात सुचारु बनाए रखने के प्रयास में जुटी है।
जिला पंचायत ने स्नान के लिए सभी घाटों पर सफाई की व्यवस्था भी मुकम्मल कर ली है। मेला अधिकारी संजय सिन्हा ने बताया कि मेले में पंचायत विभाग के 80 सफाई कर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है। इनमें 60 से अधिक कर्मचारी हर समय मौजूद रहेंगे।
मेले में कूड़े-कचरे के निस्तारण के लिए एक मेडिकल काॅलेज की ओर से मेला क्षेत्र में जगह-जगह कूड़ेदान रखे गए हैं। नौका विहार कराने वाले नाविकों को अलर्ट कर दिया गया है।