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लोकसभा चुनाव: क्रांति की धरा पर नई पौध की परीक्षा, शाहजहांपुर में क्या हैं समीकरण? पढ़ें ग्राउंड रिपोर्ट

अभिषेक राज, शाहजहांपुर Published by: मुकेश कुमार Updated Fri, 10 May 2024 01:25 PM IST

सार

स्वतंत्रता संग्राम से लेकर राजनीतिक बुलंदी तक शाहजहांपुर की अपनी खास पहचान है। इस सीट पर 13 मई को मतदान होना है। करीब कुल 23.28 लाख मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर प्रत्याशियों की किस्मत का फैसला करेंगे। क्या हैं शाहजहांपुर सीट पर समीकरण, जानते हैं ग्राउंड रिपोर्ट से.... 
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Lok Sabha Election 2024 - फोटो : अमर उजाला

शहीदों की नगरी शाहजहांपुर में मतदान में बस तीन दिन ही शेष हैं, लेकिन सियासी सरगर्मी नहीं दिखती। चौराहों पर न पहले जैसी चकल्लस है और न ही चाय व पान की दुकानों पर वह गरमा-गरम चुनावी चर्चा। कभी कांग्रेस की गढ़ रही यह सीट इस बार इंडी गठबंधन में सपा के पाले में है। ज्योत्सना गोंड के रूप में नया चेहरा साइकिल की सवारी कर रहा है। बसपा ने भी डॉ. दोदराम वर्मा का पहली बार मतदाताओं से साक्षात्कार कराया है, वहीं दूसरी तरफ भाजपा सांसद अरुण कुमार सागर हैं। पार्टी ने दूसरी बार उनपर भरोसा जताया है। इस सब के बीच राजनीति के खिलाड़ी और नई पौध की लड़ाई मतदाताओं को कुछ रोमांचित जरूर करती है।

नब्ज टटोलने हम तिलहर सुरक्षित विधानसभा में पहुंचे तो मुलाकात विरेंद्र पासवान से हुई। अभी गेहूं की कटाई के लिए घर आए हैं, वैसे लुधियाना में काम करते हैं। कहते हैं कि पता नहीं क्यों कांग्रेस ने यह सीट सपा को दे दी। वैसे यह कांग्रेस की परंपरागत सीट रही है। यहां उनके दिग्गज नेता जितेंद्र प्रसाद की अच्छी पकड़ थी। उनके नाम और काम की आज भी चर्चा है। सपा प्रत्याशी की तो सिंबल से इतर पहचान ही मुश्किल है। 

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Lok Sabha Election 2024 - फोटो : अमर उजाला
शहीदों की नगरी शाहजहांपुर में मतदान में बस तीन दिन ही शेष हैं, लेकिन सियासी सरगर्मी नहीं दिखती। चौराहों पर न पहले जैसी चकल्लस है और न ही चाय व पान की दुकानों पर वह गरमा-गरम चुनावी चर्चा। कभी कांग्रेस की गढ़ रही यह सीट इस बार इंडी गठबंधन में सपा के पाले में है। ज्योत्सना गोंड के रूप में नया चेहरा साइकिल की सवारी कर रहा है। बसपा ने भी डॉ. दोदराम वर्मा का पहली बार मतदाताओं से साक्षात्कार कराया है, वहीं दूसरी तरफ भाजपा सांसद अरुण कुमार सागर हैं। पार्टी ने दूसरी बार उनपर भरोसा जताया है। इस सब के बीच राजनीति के खिलाड़ी और नई पौध की लड़ाई मतदाताओं को कुछ रोमांचित जरूर करती है।

नब्ज टटोलने हम तिलहर सुरक्षित विधानसभा में पहुंचे तो मुलाकात विरेंद्र पासवान से हुई। अभी गेहूं की कटाई के लिए घर आए हैं, वैसे लुधियाना में काम करते हैं। कहते हैं कि पता नहीं क्यों कांग्रेस ने यह सीट सपा को दे दी। वैसे यह कांग्रेस की परंपरागत सीट रही है। यहां उनके दिग्गज नेता जितेंद्र प्रसाद की अच्छी पकड़ थी। उनके नाम और काम की आज भी चर्चा है। सपा प्रत्याशी की तो सिंबल से इतर पहचान ही मुश्किल है। 

बसपा ने किया नया प्रयोग 
जलालाबाद के फतेहपुर गांव के अरुण वर्मा कहते हैं कि बसपा ने इस बार नया प्रयोग किया है। नये चेहरे की अभी सभी विधानसभा में पहुंच ही नहीं बन पाई है। अलबत्ता...काडर अपना काम कर रहा है। ऐसे में बसपा का परंपरागत वोटबैंक साथ रहेगा, लेकिन कितना, यह कहना मुश्किल है। अरुण कहते हैं कि हमारे गांव की दलित बस्ती में ही इस बार भाजपा के झंडे दिख रहे हैं। कुछ घरों में सपा ने भी पैठ बनाई है। 

ददरौल विधानसभा के रझउवा खुर्द निवासी रमेश कुमार कहते हैं कि विकास हुआ है। सड़क, पानी और बिजली व्यवस्था भी पहले से बेहतर हुई है, लेकिन छुट्टा पशुओं ने जीना मुहाल कर दिया है। इनकी रोकथाम होनी चाहिए। वह कहते हैं कि यहां तो सभी भाजपा से ही लड़ रहे हैं। प्रत्याशियों को देख तो यही लग रहा है कि चुनाव के नाम पर कोरम पूरा किया जा रहा है।

जीत की हैट्रिक की आस
वर्ष 2014 में भाजपा की कृष्णा राज ने बसपा के उम्मेद सिंह को हराकर कमल खिलाया। 2019 में भाजपा के अरुण सागर जीते। इस बार भाजपा को हैट्रिक की आस है।

स्वतंत्रता संग्राम से लेकर राजनीति की बुलंदी तक 
स्वतंत्रता संग्राम से लेकर राजनीतिक बुलंदी तक शाहजहांपुर की अपनी खास पहचान है। राम प्रसाद बिस्मिल और शहीद अशफाक उल्ला खान जैसे आजादी के मतवाले यहां की माटी में पले और बढ़े। शाहजहांपुर के रहने वाले स्वर्गीय जितेंद्र प्रसाद ने राष्ट्रीय स्तर पर जिले का नाम बुलंदियों पर पहुंचाया। इसके अलावा जितेंद्र प्रसाद के बेटे जितिन प्रसाद भी कभी राहुल गांधी के करीबी नेताओं में शामिल थे। योगी सरकार में कैबिनेट मंत्री हैं और पीलीभीत संसदीय क्षेत्र से इस बार भाजपा के प्रत्याशी हैं। लगातार नौवीं बार विधायक चुने गए प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री सुरेश खन्ना ने भी प्रदेश में छाप छोड़ी है।

जातीय समीकरण
मुस्लिम     4.15 लाख 
ठाकुर     3.00 लाख 
यादव      2.50 लाख 
जाटव     2.50 लाख 
कश्यप     2.00 लाख 
ब्राह्मण     1.70 लाख  
कुल 23,28,209 मतदाता करेंगे प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला

2019 के चुनाव का जनादेश
भाजपा अरुण कुमार सागर - 688,990
बसपा अमर चंद्र जौहर - 4,20,572
कांग्रेस ब्रह्म स्वरूप सागर - 35,283
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