पुवायां। तहसील में भूमि रिकॉर्ड कक्ष का ताला तोड़कर 19 माह पहले नामांतरण बही (नामांतरण रजिस्टर) चोरी किए गए थे। लेकिन पुलिस इस वारदात का अब तक खुलासा नहीं कर सकी है। तहसील में हुई चोरी की घटना का खुलासा नहीं होने से पुलिस पर सवाल उठ रहे हैं।
पुवायां तहसील के लेखपाल इंद्रपाल 18 नवंबर, 2020 को दर्ज कराई रिपोर्ट में बताया था कि वह सुबह दफ्तर पहुंचे तो रिकॉर्ड रूम का ताला टूटा पड़ा मिला था। जांच करने पर खुटार की पांच में से चार और सिंधौली की पांच में से एक नामांतरण बही गायब मिली थी। इंद्रपाल ने अधिकारियों को सूचना दी तो तत्कालीन एसडीएम दशरथ कुमार आदि ने मौके पर पहुंचे थे। इसके बाद पुलिस ने भी मौका मुआयना किया था। इंद्रपाल की ओर से अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
इसके बाद पुलिस ने चोरों को पकड़ने के लिए कोई ठोस प्रयास नहीं किए और 21 मई 2021 को मुकदमे में फाइनल रिपोर्ट लगा दी। पुलिस की फाइनल रिपोर्ट से सीओ संतुष्ट नहीं हुए और उन्होंने पुलिस को गंभीरता से दोबारा विवेचना करने के लिए निर्देशित किया था। इसके बाद अभी तक 19 माह बीतने पर भी तहसील में हुई चोरी की घटना का खुलासा करने में पुवायां पुलिस नाकाम साबित हो गई है।
बड़े घपले पर पर्दा डालने की जताई गई थी आशंका
पुवायां। तहसील से खुटार की चार और सिंधौली की एक नामांतरण बही चोरी करने के पीछे किसी बड़े घपले को छिपाने की आशंका है। तहसील में वकीलों के बीच भी इस बात की चर्चा आज भी चलती है। सूत्रों के मुताबिक चोरों के निशाने पर केवल खुटार ब्लॉक की नामांतरण बही ही थीं। उनका कहना है कि खुटार ब्लॉक की चार नामांतरण बही हैं, उनके बीच धोखे से सिंधौली ब्लॉक की एक नामांतरण बही रख दी गई थी। चोरों ने अपनी समझ में खुटार ब्लॉक की पांचों नामांतरण बही चोरी कर लीं, लेकिन एक बही जानकारी न होने पर छुट गई और उसके स्थान पर सिंधौली की बही चली गई थी।
तहसील में हुई नामांतरण बही की चोरी में फिर से गहनता से विवेचना करने के निर्देश दिए गए हैं। विवेचना अभी चल रही है। -बीएस वीर कुमार, सीओ पुवायां