सर्दी का कहर ढा रहे मौसम का मिजाज शनिवार को और बिगड़ गया। सुबह से ठिठुरन का सामना कर रहे लोग दोपहर बाद आसमान पर छाए बादलों से बूंदाबांदी के साथ बिजली कड़कने से सहम उठे। सूरज दिन भर बादलों की ओट में छिपा रहा। देर रात से कोहरा गिरने के साथ शीतलहर चलने से तापमान भी 1.5 डिग्री लुढ़क गया। स्कूलों में शीत अवकाश के बावजूद जो कक्षाएं लगीं, उनमें छात्र-छात्राओं की उपस्थिति सामान्य से बहुत कम रही। मौसम के तेवर शुक्रवार रात से ही बिगड़ गए थे। दो दिन से आसमान पर छाई बादलों की परत गाढ़ी होने के साथ आधी रात से बूंदाबांदी होने लगी। सुबह बाहर निकलने पर कोहरा कम दिखा, लेकिन वातावरण में नमी बढ़ने से सर्दी में खासा इजाफा हो चुका था। दोपहर 12 बजे तक सूरज चमकदार गोले की तरह बादलों को भेदने की कोशिश करता रहा, लेकिन धूप नहीं उतरी। कुछ देर बाद ही बादल घने होने के साथ शाम जैसी हो गई और फिर बूंदाबांदी होने लगी। देर शाम बादलों की तेज गरज के साथ बिजली कड़कने लगी। बारिश के चलते तमाम स्थानों पर अलाव भी नहीं जल सके। गन्ना शोध परिषद के मौसम विश्लेषक सुरेंद्र सिंह यादव के अनुसार बूंदाबांदी से गेहूं और गन्ना आदि फसलों समेत खेतों में खड़ी सभी मौसमी सब्जियों पर इस्तेमाल कीटनाशकाें की धुलाई हो गई और इससे फसलों की बढ़वार भी तेज होगी। उन्होंने रविवार को दिन में धूप निकलने के साथ मौसम सामान्य रहने का अनुमान व्यक्त किया है।