अल्हागंज नगर स्थित देवस्थान बारह पत्थर पर आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में प्रसंग सुनाते कथावाचक पं
अल्हागंज। बारह पत्थर देवस्थान मंदिर पर आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के द्वितीय महोत्सव के दूसरे दिन मंगलवार को कथावाचक पंडित सत्यदेव द्विवेदी ने कथा के कई संदर्भ लेते हुए श्रद्धालुओं को धर्म की महत्ता, संयम के लाभ और कलियुग के प्रभाव पर प्रवचन दिया।
उन्होंने कहा कि नशा मनुष्य के जीवन को पतन की ओर ले जाता है और इसके दुष्परिणाम इतिहास में अनेक बार सामने आए हैं। उन्होंने यदुवंश के विनाश का उदाहरण देते हुए बताया कि नशे की स्थिति में ही मूसल का जन्म हुआ, जिस कारण ऋषि दुर्वासा के श्राप से यदुवंश का अंत हुआ। उन्होंने राजा परीक्षित और कलियुग के बीच हुए संवाद का उल्लेख करते हुए कहा कि जब कलियुग पृथ्वी पर प्रवेश करना चाहता था, तब राजा परीक्षित ने उसे अपने राज्य में आने से रोक दिया।
इस दौरान दोनों के बीच गुण और अवगुण को लेकर लंबा संवाद हुआ। बाद मेें कलियुग के अनुनय विनय करने पर राजा परीक्षित ने उसे अपने स्वर्ण मुकुट में रहने के लिए स्थान दे दिया। कथा श्रवण में रमेश शुक्ला, राकेश चन्द्र गुप्ता, नरेंद्र गुप्ता, सर्वेश, राजन शुक्ला, मोहन चौहान आदि शामिल रहे। संवाद