पॉवर कारपोरेशन की टीम ने आज ऑफीसर्स कॉलोनी के आवासों को निशाने पर लिया। इस दौरान अफसरों के करीब एक दर्जन बंगलों में पुराने मेकेनिकल मीटर लगे पाए गए। ऐसे सभी मीटर बदलकर उनकी जगह इलेक्ट्रॉनिक मीटर लगाए गए।
पॉवर कारपोरेशन पिछले एक साल से मेकेनिकल मीटर हटाकर उनकी जगह इलेक्ट्रॉनिक मीटर लगाने का अभियान चलाए है। बिजली अभियंता जन सामान्य से बार-बार आग्रह कर रहे हैं कि रीडिंग में गड़बड़ी और अन्य दिक्कतों से छुटकारा पाने के लिए अपने घरों और प्रतिष्ठानों पर लगे पुराने मीटर बदलवा लें। इस अपील का लोगों से रिस्पांस भी मिल रहा है, लेकिन विभिन्न विभागों के अफसर इससे उदासीन रहे।
इसका खुलासा रविवार को डीएम कंपाउंड में कैंप लगाने वाली टीम के चेकिंग करने से हुआ। तीन दिन से कंपाउंड के कर्मचारी आवासों को निशाने पर लिए रही टीम ने रविवार को ऑफीसर्स कॉलोनी के बंगले चेक किए तो वहां करीब दो दशक पुराने मेकेनिकल मीटर से एक दर्जन कनेक्शन चलते पाए। तीन मीटरों में रीडिंग स्टोर मिलने से जाहिर हुआ कि लंबे समय से बिल भी जमा नहीं किया गया है।
चूंकि, इन कनेक्शनोें का बिल भुगतान संबंधित अधिकारियों के विभागों से होता है। इसलिए ‘राजकाज’ से जुड़े कनेक्शनों पर अनियमितता को लेकर कोई कार्रवाई करने के बजाय ऐसे सभी मीटर तत्काल बदल दिए गए, जिसके लिए आम आदमी को काफी चक्कर काटने पड़ते हैं। एक्सईएन सिटी एके शुक्ला के अनुसार अफसरों के पुराने मीटर बदलने के साथ उनसे बकाया रकम भी जमा कराई गई।
शिविर में सिविल लाइंस, कटिया टोला, गोविंदगंज आदि क्षेत्रों के अन्य उपभोक्ताओं ने भी बकाया बिल जमा कराने के साथ दो नए कनेक्शन कराए। नौ उपभोक्ताओं ने ओटीएस के तहत सरचार्ज में छूट पाने के लिए रजिस्ट्रेशन भी कराया। एसडीओ इंद्रराज यादव के अनुसार छुट्टी के दिन सरकारी कर्मचारियों ने बिल जमा करने में काफी दिलचस्पी दिखाई। इस कारण विभाग को 2.90 लाख रुपये बकाया राजस्व मिल गया।