किसान सहकारी चीनी मिल पर बकाया देयकों का भुगतान दिलाने की मांग को लेकर चीनी मिल के पूर्व कर्मचारी छह महीने से क्रमिक अनशन कर रहे हैं, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है।
गौरतलब है कि पुवायां की किसान सहकारी चीनी मिल कुछ वर्ष पहले बंद हो गई थी। मिल बंद होने के बाद वीआरएस की घोषणा कर दी गई। भुखमरी के कगार पर बैठे तमाम कर्मियों ने यह सोच कर वीआरएस ले लिया कि उनका बकाया वेतन आदि मिल सकेगा, जिससे वह कोई नया काम शुरू कर परिवार का भरण-पोषण कर सकेंगे, लेकिन उनके बैठकीय भत्ता, 16 माह के वेतन, पीएफ सहित कई देयकों का भुगतान नहीं किया गया। तमाम बार मांग के बाद भी इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया गया।
वर्ष 2014 में मिल को फिर से शुरू किया गया है, लेकिन किसी भी कर्मचारी को काम पर नहीं लेकर आउटसोर्सिंग के माध्यम से काम कराया जा रहा है। मिल चलने के बाद भी वीआरएस ले चुके कर्मचारियों का बकाया नहीं दिया गया। बकाया भुगतान की मांग को लेकर कर्मचारी चार अगस्त 2014 से मिल गेट पर क्रमिक अनशन कर रहे हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है। चीनी मिल के प्रबंधक वीके अग्रवाल का कहना है कि वह कर्मचारियों का बकाया भुगतान कराने का पूरा प्रयास कर रहे हैं।