शाहजहांपुर। विशेष न्यायाधीश अनुसूचित जाति-अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम आलोक कुमार शुक्ल ने हत्या के एक मुकदमे में तीन सगे भाइयों को उम्र कैद की सजा सुनाई। 22-22 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया है।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, रोजा की आदर्श नगर कॉलोनी निवासी शांतिस्वरूप ने थाने में तहरीर देकर बताया कि 30 जुलाई 2023 की रात करीब नौ बजे उनका छोटा भाई रामबाबू मोहल्ले की दुकान पर कुछ लेने गया था। दुकान के सामने बुद्धप्रकाश से संदीप शर्मा हाथापाई कर रहा था। उसके भाई ने झगड़े का विरोध किया। इतने में संदीप का भाई राजेश शर्मा तमंचा और संतोष शर्मा बंदूक लेकर आ गए। राजेश ने तमंचे से फायर किया जो उसके भाई रामबाबू के पेट में लगा। वह जमीन पर गिर पड़ा। मारपीट में बुद्धप्रकाश को भी काफी चोटें आईं। जिला अस्पताल ले जाते समय रास्ते में रामबाबू की मौत हो गई। तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज की गई। विवेचना के बाद पर्याप्त साक्ष्य के आधार पर संदीप शर्मा, राजेश शर्मा, संतोष शर्मा के विरुद्ध आरोप पत्र अदालत भेजा गया। अदालत में मुकदमा चलने के दौरान गवाहों के बयानात एवं विशेष लोक अभियोजक मनोज कुमार सिंह के तर्कों को सुनने के बाद विशेष न्यायाधीश ने संदीप शर्मा, संतोष शर्मा तथा राजेश शर्मा को दोषी पाते हुए आजीवन कारावास की सजा से दंडित किया है।