शाहजहांपुर। न्यायालय परिसर में अधिवक्ता की गोली मारकर हत्या करने में वकील सुरेश गुप्ता को अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। दोनों अधिवक्ताओं में लंबे समय से मुकदमेबाजी चल रही थी। इसी रंजिश में वारदात को अंजाम दिया गया था।
सदर बाजार क्षेत्र के मोहल्ला बीबीजई हद्दफ के रहने वाले अधिवक्ता भूपेंद्र प्रताप सिंह की चौक कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला महमद गढ़ी निवासी सुरेश कुमार गुप्ता से मुकदमेबाजी को लेकर रंजिश चलती थी। दोनों अधिवक्ताओं ने एक-दूसरे के खिलाफ कई मुकदमे दर्ज कराए हुए थे। योगेंद्र प्रताप सिंह ने सदर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 18 अक्तूबर 2021 को वह भाई भूपेंद्र प्रताप सिंह के साथ कचहरी आया था।
पूर्वाह्न करीब 11 बजे भूपेंद्र एसीजेएम प्रथम के कार्यालय की तीसरी मंजिल पर थे। तभी पीछे से सुरेश कुमार गुप्ता आया और तमंचे से सिर पर गोली मार दी। उसके साथ उसके बेटे गौरव और डॉ. अंकित भी थे। भूपेंद्र की मौके पर ही मौत हो गई। सुरेश गुप्ता मौके पर तमंचा छोड़कर भाग गया।
योगेंद्र के मुताबिक सुरेश ने मुकदमों में समझौता न करने पर कई बार जान से मारने की धमकी दी थी। न्यायालय परिसर में अधिवक्ता की हत्या से हड़कंप मच गया था। आनन-फानन में सीसीटीवी कैमरे की मदद से पुलिस ने सुरेश गुप्ता को कचहरी से ही गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने विवेचना में गौरव और अंकित की नामजदगी गलत पाई। अदालत में मुकदमा चलने के दौरान साक्ष्यों के आधार पर अपर सत्र न्यायाधीश लवी यादव ने सुरेश गुप्ता को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। उस पर 25 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।