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Shahjahanpur News: निजी मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल में मिला स्टाफ नर्स का शव

Tue, 29 Apr 2025 12:52 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
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मृतका आरती देवल का फाइल फोटाे। स्रोत: परिजन
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तिलहर/शाहजहांपुर। बंथरा स्थित वरुण-अर्जुन मेडिकल काॅलेज के हॉस्टल में रह रही खुटार के नारायनपुर गांव निवासी स्टॉफ नर्स आरती देवल (25 वर्ष) का शव उसके कमरे में मिला। बेड पर ही एक एनेस्थीसिया की शीशी व सिरिंज पड़ी हुई थी। प्रथमदृष्टया जांच के बाद पुलिस आत्महत्या की बात कह रही है।
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पिता महेश देवल ने बताया कि उनकी बेटी आरती देवल वरुण अर्जुन मेडिकल कॉलेज में स्टॉफ नर्स के पद पर नौकरी करती थी। वहीं, गर्ल्स हाॅस्टल के प्रथम तल पर कमरा नंबर 44 में रहती थी। बेटी से रोजाना बातचीत होती थी। सोमवार सुबह सात बजे बेटी आरती को फोन किया, लेकिन फोन नहीं उठा। कई बार कॉल करने पर भी जब फोन नहीं उठा तो वार्डेन शिवांगी को फोन कर पूरी बात बताई। फिर थोड़ी देर बाद शिवांगी का फोन आया। उसने कहा कि आरती का दरवाजा अंदर से बंद है।
कई आवाजें दीं, लेकिन कोई जवाब नहीं आया। अनहोनी की आशंका पर पत्नी व छोटी बेटी के साथ वह आरती के हाॅस्टल आए। यहां दरवाजा काटकर अंदर से खोला गया। देखा कि बेटी का शव बेड पर पड़ा हुआ था। बेड पर एक एनेस्थीसिया की शीशी व सिरिंज पड़ी हुई थी। एसपी राजेश द्विवेदी ने बताया कि प्रथमदृष्टया जो सामान देखा गया, उससे ऐसा प्रतीत होता है कि उसने खुद को एनेस्थीसिया की ओवरडोज दी है। दरवाजा अंदर से बंद था, जो कि पुलिस द्वारा तोड़ा गया है। नर्स के शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है। अब तक की जांच में पता चला है कि नाइट ड्यूटी के बाद से उसे देखा नहीं गया है। पोस्टमाॅर्टम रिपोर्ट के आधार पर अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।
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दो साल से कर रही थी नौकरी
महेश देवल ने बताया कि बेटी आरती देवल ने तीन साल तक वरुण अर्जुन मेडिकल कॉलेज में पढ़ाई की। पिछले दो साल से बेटी स्टॉफ नर्स के पद पर यहां नौकरी कर रही थी। वह तीन बहनों में दूसरे नंबर पर थी। दो भाई हैं।

बेटी का फोन नहीं उठा तो घबराया दिल...
रजनी ने बताया कि बेटी आरती से रोजाना बात होती थी। सोमवार सुबह बेटी के मोबाइल पर घंटी जा रही थी, लेकिन कॉल रिसीव नहीं हो रही थी। इससे दिल घबराने लगा था। दस बजे वार्डेन से बात की। उसने बताया कि दरवाजा अंदर से बंद है। तब यहां आए और घटना की जानकारी हुई। रजनी का कहना है कि बेटी सुबह-शाम बात करती थी। परिवार के सभी सदस्यों का हालचाल लेती थी। रात जब बेटी से बात की तो खाना खाने के बारे में पूछा। बेटी ने कहा था कि मम्मी सात बजे छोले-भटूरे खाए थे, इसलिए अब मन नहीं है। इसके अलावा कोई बात नहीं हुई।
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