शाहजहांपुर। बच्ची से दुष्कर्म के दोषी को अदालत ने आजीवन कारावास की सजा से दंडित किया है। हैवानियत का शिकार हुई बच्ची को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा था।
कटरा थाना क्षेत्र के एक गांव के रहने वाली महिला ने पुलिस को प्रार्थना पत्र देकर बताया कि 11 जून 2020 की शाम करीब 07:30 बजे उसकी आठ वर्ष की बेटी खाना खाकर घर से खेलने के लिए निकली थी। कुछ देर बाद उसके पति खेत से आए तो वह उन्हें खाना देने लगी।
तभी रात करीब आठ बजे उनकी बेटी दर्द से कराहती और रोती हुई घर आई। उसने बताया कि घर के बाहर खेलते समय रामप्रेम ने उससे दुष्कर्म किया है। जब उन लोगों ने इसकी शिकायत रामप्रेम से की तो उसने उन लोगों को धमकाया।
घटना के बारे में जब पड़ोसियों को पता चला तो लोगों में अफरातफरी मच गई। उन लोगों ने घबराकर अपने बच्चों को किसी अनहोनी से बचाने के लिए घर में बंद कर लिया। बच्ची को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर रामप्रेम को गिरफ्तार कर लिया। अदालत में मुकदमा चलने के दौरान गवाहों के बयानात और साक्ष्यों के आधार पर विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट मनोज कुमार सिद्धू ने रामप्रेम को आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
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कोर्ट ने कहा-पीड़िता को भोगनी पड़ी असहनीय पीड़ा
अदालत ने अपने आदेश में लिखा है कि दोषसिद्ध रामप्रेम ने बच्ची के साथ दुष्कर्म जैसा गंभीर अपराध किया है। उसके इस कृत्य से पीड़िता को असहनीय पीड़ा हुई। त्वरित और समुचित चिकित्सा के कारण बच्ची की जान बच सकी। उसके इस कृत्य से बच्ची का जीवन दुष्प्रभावित हुआ है।