शाहजहांपुर। तृतीय अपर सत्र न्यायाधीश अभय प्रताप सिंह ने हत्या के मुकदमे में पिता और उसके तीन पुत्रों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। दोषियों पर 25-25 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
तिलहर क्षेत्र के गांव भुडेली निवासी रामवीर ने थाने में तहरीर देकर बताया था कि उनके पिता वेदप्रकाश का अपने चचेरे भाई रामदास से संपत्ति को लेकर विवाद चल रहा था। रामदास और उसके बेटे रामकुमार, अजय उर्फ कल्लू, बागेश पिता से रंजिश मानते थे। 24 अगस्त 2021 को उनके पिता घर में टीवी देख रहे थे। रात लगभग आठ बजे उसके पिता पेशाब करने के लिए बाहर निकले तो उन लोगों ने पिता को घेर लिया। उन पर कुल्हाड़ी, लाठी-डंडे से हमला कर दिया। इससे पिता बुरी तरह से घायल हो गए।
इलाज के लिए अस्पताल ले जाते समय उनकी मौत हो गई। वादी की तहरीर के आधार पर रामदास और उसके बेटों रामकुमार, अजय, बागेश के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई। अदालत में मुकदमा चलने के दौरान गवाहों के बयानात और सरकारी वकील विनोद कुमार शुक्ला के तर्कों को सुनने के बाद अपर सत्र न्यायाधीश ने रामदास, रामकुमार, अजय और बागेश को दोषी पाया। चारों को आजीवन कारावास की सजा से दंडित किया।