शाहजहांपुर। परौर क्षेत्र में मकान और रुपयों के विवाद में समधिन की गोली मारकर हत्या करने के मामले में सत्र न्यायालय ने हेमेंद्र सिंह उर्फ पप्पू को दोषी करार दिया गया है। सत्र न्यायाधीश धर्मेंद्र कुमार पांडेय ने शनिवार को उसे उम्रकैद की सजा सुनाई।
परौर क्षेत्र के खुजरी गांव निवासी चंदा देवी 11 मार्च 2023 को होली मिलने अपनी बेटी सुनीता के घर गईं थीं। इसी दौरान दामाद मुनेश के चाचा हेमेंद्र सिंह उर्फ पप्पू वहां पहुंचा और चंदा देवी को तमंचे से गोली मार दी। गोली लगने से गंभीर रूप से घायल चंदा देवी को पहले पीएचसी कलान और फिर जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टर ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
चंदा देवी और हेमेंद्र के बीच मकान और रुपये को लेकर विवाद चल रहा था। दोनों ने मकान बनवाया था और निर्माण में लगी रकम को लेकर विवाद बढ़ गया था। पूर्व में इसी विवाद को लेकर दोनों पक्षों में कहासुनी भी हुई थी। मृतका के बेटे सोनू चौहान की तहरीर पर उसी दिन परौर थाने में रिपोर्ट दर्ज हुई थी। मुकदमे में वादी सोनू चौहान, मृतका की बेटी सुनीता समेत नौ गवाहों के बयान दर्ज किए गए।
अदालत ने साक्ष्यों और गवाहों के बयानों के आधार पर हेमेंद्र को दोषी माना। उसे उम्रकैद की सजा से दंडित किया। उस पर 31 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया। जुर्माने की 70 प्रतिशत राशि मृतका के विधिक उत्तराधिकारियों को देने का आदेश दिया गया है।
किशोरी से छेड़खानी में दो दोषियों को चार-चार वर्ष की कैद
शाहजहांपुर। अदालत ने नाबालिग से छेड़खानी और धमकी देने के मामले में दो दोषियों को चार-चार वर्ष के कठोर कारावास और पांच-पांच हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
मामला परौर थाना क्षेत्र का है। 17 नवंबर 2017 को किशोरी शौच के लिए घर के सामने गई थी। आरोप है कि वहां अरविंद और देव सिंह उसे दबोचकर खेत में ले गए। दोनों ने उसके साथ अश्लील हरकत की और विरोध करने पर तमंचा दिखाकर गोली मारने की धमकी दी। पीड़िता की मां के मौके पर पहुंचने पर वे वहां से भाग गए थे।
पीड़िता की तहरीर पर 21 नवंबर 2017 को थाना परौर में दोनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस ने विवेचना के बाद दोनों के खिलाफ आरोपपत्र न्यायालय में दाखिल किया। विशेष पॉक्सो न्यायालय के न्यायाधीश कृष्ण लीला यादव ने अरविंद और देव सिंह को दोषी करार देते हुए चार-चार वर्ष के कारावास की सजा सुनाई। संवाद