खुटार। कुत्ते के साथ शनिवार सुबह खेत जा रहा किसान उस समय बाल-बाल बच गया, जब रास्ते में तेंदुए ने उन पर हमला कर दिया। कुत्ते को तेंदुए ने मार डाला। किसान ने भागकर जान बचाई। सूचना पर वनकर्मियों ने मौके पर पहुंचकर जांच की है।
गांव बैकुंठापुर निवासी यशनदीप सिंह ने बताया कि उनका खेत जंगल के किनारे है। शनिवार को वह अपने कुत्ते के साथ खेत पर जा रहे थे। रास्ते में एक तेंदुए ने हमला कर दिया। उन्होंने शोर मचाते हुए मौके से भागकर जान बचाई, लेकिन तेंदुए ने कुत्ते को मार डाला। यशनदीप भागते हुए गांव पहुंचे और लोगों को तेंदुए के होने की जानकारी दी।
वनकर्मियों को भी सूचना दी गई। जानकारी पाकर वनकर्मी मौके पर पहुंचे और तेंदुए के पगमार्क ट्रेस किए। जिस जगह कुत्ते को मारा गया है, वहां काफी खून पड़ा मिला है, लेकिन कुत्ते का शव नहीं मिला है। वनकर्मी गांव के लोगों को सतर्क रहने की नसीहत देते हुए मौके से चले गए। गांव के लोगों का कहना है कि वनकर्मियों ने तेंदुए के कुत्ते को मारने की घटना को गंभीरता से नहीं लिया है। तेंदुए को जंगल में न खदेड़ा गया तो वह खेतों में काम करने वालों पर भी हमला कर सकता है।
बरगदिया के पास दहाड़ रहा बाघ, लोग दहशत में
गांव बरगदिया में बाघ ने तीन दिन पूर्व राजनारायण के एक बछड़े को मार डाला था। गांव के लोगों का कहना है कि बाघ गांव के आसपास ही मौजूद है और रात में उसकी दहाड़ सुनाई पड़ती है। वनकर्मी बाघ को जंगल में खदेड़ने का प्रयास नहीं कर रहे हैं। उधर, रेंजर मनोज श्रीवास्तव का कहना है कि तीन टीमें बाघ की निगरानी के लिए लगाई गई हैं, जो आठ-आठ घंटे गश्त कर रही हैं।