शाहजहांपुर। पॉली ग्रीन हाउस लगाकर किसान बेमौसम में मनचाही सब्जियां उगा सकते हैं। विभिन्न प्रकार के फूलों की खेती भी कर सकेंगे। इससे किसानों की आमदनी बढ़ेगी। जिला उद्यान विभाग की ओर से एकीकृत बागवानी मिशन के तहत 15 अप्रैल से यह योजना शुरू की जा रही है। इसके तहत 50 प्रतिशत का अनुदान दिया जाएगा।
जिले में करीब साढ़े चार लाख किसान गन्ना, गेहूं और धान की खेती पर निर्भर हैं। इसमें किसानों की लागत भी अधिक आती है और उपज की सही रकम नहीं मिल पाती। पॉली ग्रीन हाउस का निर्माण गन्ने की खेती के लिए अच्छा विकल्प बन सकता है।
सब्जियों की तरह महंगे फूल ग्लेडियोलस व जरवेरा आदि की खेती भी विपरीत मौसम में की जा सकेगी। विभाग सब्जी व फूलों की फसल की लागत पर भी 50 फीसदी अनुदान दे रहा है। इससे किसानों को ज्यादा मुनाफा होगा और वे परंपरागत खेती से हटकर आधुनिकता के हिसाब से वैज्ञानिक तरीके से उन्नतशील खेती कर सकेंगे।
वर्तमान में शिमला मिर्च व ब्रोकली की फसल पर करीब 140 रुपये वर्ग मीटर के हिसाब से लागत आती है। 500 वर्ग मीटर के पॉली हाउस में शिमला मिर्च व ब्रोकली की फसल बोने पर तकरीबन 70 हजार रुपये लागत आ रही है। इसमें से किसानों को केवल 35 हजार रुपये ही वहन करने होंगे, जबकि 35 हजार रुपये का अनुदान सरकार की ओर से दिया जाएगा।
इस तरह से किया जाएगा लाभान्वित
पांच सौ वर्ग मीटर के पॉली हाउस में करीब 1060 रुपये प्रति वर्ग मीटर की दर से खर्च आता है। इसमें 530 रुपये प्रति वर्ग मीटर के हिसाब से अनुदान दिया जाएगा। इसी तरह से 500-1008 वर्ग मीटर के पॉली हाउस निर्माण पर 935 रुपये प्रति वर्ग मीटर के हिसाब से खर्च आता है। 1008-2080 वर्ग मीटर के पॉली हाउस पर 850 रुपये, 2080-4000 वर्ग मीटर के पॉली हाउस के निर्माण पर 844 रुपये प्रति वर्ग मीटर लगते हैं।
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निजी तौर पर बनाया पाॅली हाउस
कांट क्षेत्र के गांव गंगानगर में प्रगतिशील किसान कौशल मिश्रा गन्ने की खेती करके अच्छा मुनाफा कमा रहे हैं। पॉली हाउस बनाकर वह कम जगह में कई परतों में गन्ने की पौध सालभर तैयार करते हैं।
पॉली ग्रीन हाउस बनाने की योजना 15 अप्रैल से जिले में शुरू होगी। इसमें किसानों को 50 प्रतिशत का अनुदान दिया जाएगा। इससे फूल, सब्जियों का कम लागत में अधिक उत्पादन होगा। इससे किसानों की आय बढ़ेगी।
- पुनीत पाठक, जिला उद्यान अधिकारी