गन्ना शोध परिषद में सोमवार को लगे राज्य स्तरीय किसान मेले में तमाम लोग पहुंचे। मेले में लगाए गए उर्वरकों, कीटनाशकों, कृषि बीज, कृषि यंत्रों के तमाम स्टॉलों पर किसानों ने खेती किसानी से संबंधित बातों के बारे में पूछा। साथ ही वहां पर उपयोगी चीजों की खरीददारी भी की। मेले का शुभारंभ प्रदेश के गन्ना आयुक्त सुभाष चंद्र शर्मा ने किया।
आयुक्त शर्मा ने कहा कि चीनी मिल गन्ना किसानों का 14 दिनों के अंदर भुगतान करें, अन्यथा भुगतने को तैयार रहें। उन्होंने किसानों से भावनात्मक रिश्ता जोड़ते हुए कहा कि वह किसान केा बेटे हैं और उनका बचपन भी खलिहानों में बीता है। कहा कि गन्ने की कटाई और पेराई में बहुत अंतर न रखें। इससे किसानों और मिलों दोनों की ही नुकसान होता है। इस दौरान उन्होंने स्मारिक का विमोचन भी किया। वहीं उन्होंने चीन और इंडोनेशिया के दौरे को लेकर एक सदृश्य रिपोर्ट बनाने का संकल्प जताया।
पिछड़ा वर्ग कल्याण राज्यमंत्री राममूर्ति सिंह वर्मा ने कहा कि चीनी मिलों को गन्ना किसानों का भुगतान तुरंत करना चाहिए। शोध परिषद के उपाध्यक्ष रामकृष्ण यादव ने किसानों और वैज्ञानिकों की र्दुदशा के बारे में सभी को बताया। वहीं निदेशक डॉ. बीएल शर्मा ने कहा कि मेले में आए किसानों और तमाम आगंतुकों ने नई दिशा, सोच, अधिक व्यापक वैज्ञानिकजिम्मेदारी का आभास हुआ।
इस दौरान कल्वेहसन, आलोक शुक्ला ने किसान प्रतिनिधियों के रूप में किसानों के हित की बात रखी। इससे पूर्व गन्ना किसानों को प्रतीक चिन्ह एवं प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का संचालन प्रसार प्रभारी राजेंद्र मिश्र और डॉ. सुरेश चंद्र मिश्रा ने संयुक्त रूप से किया।