गोविंदगंज स्थित एक दुकान से खादी के कपड़ों की खरीदारी करते लोग। संवाद
शाहजहांपुर। जिले में तापमान बढ़ने के साथ ही खादी के कपड़ों की मांग में तेजी देखने को मिल रही है। भीषण गर्मी के बीच लोग हल्के, आरामदायक और त्वचा के अनुकूल कपड़ों को प्राथमिकता दे रहे हैं। वर्तमान में बंगाल की मशलीन और पाेली खादी लोगों की पहली पसंद बनी है। युवा भी खादी के कुर्ते-पायजामा व पैंट-शर्ट को तरजीह दे रहे हैं।
खादी ग्रामोद्योग आयोग के गोविंदगंज स्थित प्रतिष्ठान पर इन दिनों खरीदारों की संख्या बढ़ गई है। अप्रैल और मई में खादी के कपड़ों की बिक्री में उछाल आया है। जिला प्रबंधक सतीश चंद्र मिश्रा बताते हैं कि गर्मी में खादी के कपड़े पसीना सोखने और शरीर को ठंडक देने में सहायक होते हैं, इससे इनकी मांग बढ़ जाती है।
इस बार युवाओं में खादी से कुर्ता और शर्ट बनवाने का खास उत्साह देखा जा रहा है। युवा इसे पारंपरिक के साथ-साथ फैशनेबल विकल्प के रूप में अपना रहे हैं। बताया कि बंगाल के मुर्शिदाबाद की मशलीन खादी ग्राहकों की पहली पसंद बनी हुई है। इससे धोती, शर्ट, कुर्ता-पायजामा और पैंट तैयार कराए जा रहे हैं। इसकी कीमत 400 से 550 रुपये प्रति मीटर है।
इसके अलावा पोली खादी भी खूब बिक रही है। इसकी कीमत 280 से 300 रुपये प्रति मीटर है। वहीं तैयार शर्ट 550 रुपये, कुर्ता-पायजामा 1000 रुपये, सदरी 650 से 850 रुपये व गमछा 220 से 280 रुपये में उपलब्ध है। बताया कि पहले खादी को केवल पारंपरिक परिधान माना जाता था, लेकिन बदलते फैशन ट्रेंड के कारण अब युवाओं में इसकी लोकप्रियता तेजी से बढ़ रही है।