शाहजहांपुर। मेला आयोजन पर प्रशासन की रोक के बाद भी शुक्रवार को कार्तिक मेला ढाईघाट के मुख्य पर्व कार्तिक पूर्णिमा पर लाखों श्रद्धालुओं ने पतित पावनी गंगा में स्नान कर पुण्य लाभ अर्जित किया। मेला नहीं लगने से श्रद्धालु घरेलू उपयोग की वस्तुओं की खरीदारी से वंचित रह गए। पुलिस की तमाम कोशिशों के बाद भी श्रद्धालुओं को लगभग पांच घंटे जाम से जूझना पड़ा।
श्रृंगी ऋषि की तपोभूमि ढाईघाट में कार्तिक पूर्णिमा पर गंगा दो धारा हो जाने के कारण तमाम युवा श्रद्धालुओं ने गंगा की पहली धारा को पैदल या नाव से पार करके मुख्य धारा में स्नान करने पहुंच गए। इससे सुरक्षित गंगा स्नान के लिए जिला पंचायत द्वारा घाटों पर की गई बेरिकेडिंग निष्प्रयोज्य साबित हुई। गंगा घाटों पर महिला श्रद्धालुओं ने मनौती पूरी होने पर अपने बच्चों के मुंडन संस्कार करवाये और सत्यनारायण भगवान की कथा का श्रवण कर गंगा पुरोहितों को अन्न, वस्त्र, मिष्ठान और नकद मुद्रा दान कर आशीर्वाद लिया।
मेले में सुरक्षा की लचर व्यवस्था होने के कारण गंगाघाटों पर चोरी की कई घटनाएं हुईं। फर्रुखाबाद जिले के शमशाबाद नगर से गंगा स्नान करने आये कश्मीर सिंह, ग्राम बछलैया निवासी रामफल, ग्राम कलुआपुर थाना नवाबगंज से आए रामकुमार के कपड़े चोरी हो गए। मेले में खोया पाया शिविर नहीं बनाए जाने से खोए हुए बच्चे और बुजुर्ग मेले में भटकते हुए अपनों की तलाश करते देखे गए।
प्रशासन ने मेले में घरेलू उपयोग की दुकानों के लगाने पर रोक लगा देने से तमाम महिला-पुरुष घरेलू उपयोग की वस्तुओं की खरीदारी से वंचित रह गए। जिला पंचायत के मेलाधिकारी/अवर अभियंता सुरेश सिंह यादव ने बताया कि मेले में प्रकाश और पेयजल की सिर्फ एक दिवसीय व्यवस्था की गई है। देर रात तक सभी व्यवस्थाएं समेट लीं जाएंगी।
पांच घंटे जाम से जूझे श्रद्धालु
लाखों श्रद्धालु विभिन्न वाहनों से गंगातट पर पहुंचे। जलालाबाद-ढाईघाट मार्ग पर मेले से लगभग तीन किलोमीटर पहले लंबा जाम लग गया। सुबह साढ़े नौ बजे से लगा जाम पुलिस की तमाम कोशिशों के बाद अपराह्न तीन बजे तक लगा रहा। रेंगते वाहनों से बढ़ रहे श्रद्धालुओं को गंगातट तक पहुंचने में पांच घंटे लग गए। धीरे-धीरे कर वाहन खुद ही निकल गए। मेले में वैसे तो सुरक्षा के लिए जिले के विभिन्न थानों से पुलिस फोर्स की ड्यूटी लगाई थी, किंतु हजारों वाहनों की भीड़ को नियंत्रित करने के लिए मिर्जापुर पुलिस ही जूझती रही। गंगाघाटों पर तैनात पुलिसकर्मी मोबाइल में व्यस्त रहे।
राम गंगा में लगाई श्रद्धालुओं ने डुबकी
जैतीपुर। रामगंगा नदी के धुबला करीमनगर व डांडी घाट पर क्षेत्र के श्रद्धालुओं ने कार्तिक पूर्णिमा पर डुबकी लगाई। छोटी नगरिया के नाम से मशहूर यह मेला कटान के कारण अब मानपुर त्रिलोक गांव के समीप डांडी घाट पर वर्ष में दो बार कार्तिक पूर्णिमा और दशहरा पर लगता है। सुबह चार बजे से ही दुकानदारों ने दुकानें सजानी शुरू कर दीं थीं। रामगंगा के किनारे लगे मेले में महिलाओं बच्चो ने खूब खरीदारी की तथा चाट-पकौड़ी का आनंद लिया। संवाद
ढाईघाट गंगातट पर उमड़ा आस्था का सैलाब। संवाद- फोटो : SHAHJAHANPUR
मेले में प्रसाद आदि की खरीददारी करते श्रद्धालु। संवाद- फोटो : SHAHJAHANPUR
मिर्जापुर के ढाईघाट में कार्तिक पूर्णिमा पर गंगा स्नान करते श्रद्धालु। संवाद- फोटो : SHAHJAHANPUR