इंटरलॉकिंग नहीं हुई समतल, हाईमास्ट लाइट भी ठप
संवाद न्यूज एजेंसी
अल्हागंज। प्रशासन भले ही सावन माह में निकलने वाली कांवड़ यात्राओं के मार्ग ठीक कराने का दावा कर रहा हो, लेकिन बरेली-फर्रुखाबाद हाईवे के हुल्लापुर चौराहा की तस्वीर इस दावे के ठीक उलट है।
चौराहे के आसपास हाईवे का हिस्सा गत वर्ष बारिश से उखड़ जाने के बाद वहां की गई इंटरलॉकिंग को अभी समतल नहीं किया गया। चौराहे पर रात में अंधेरा रहने के कारण कांवड़ियों को यहां से ठोकरें खाते हुए आगे बढ़ना होगा।
हर साल सावन में फर्रुखाबाद के पांचाल घाट गंगा तट से जल भरकर हजारों कांवड़िये हुल्लापुर चौराहा होते हुए गोला गोकर्णनाथ अथवा कलान क्षेत्र के गांव पटना देवकली स्थित शिव मंदिर जाते हैं। गत वर्ष मानसून में बाढ़ और भारी बारिश से बरेली-फर्रुखाबाद हाईवे कई जगह क्षतिग्रस्त हो गया था। उस दौरान पानी के तेज बहाव से हुल्लापुर चौराहा के पास हाईवे का करीब 20 मीटर से ज्यादा हिस्सा खराब हो गया।
चौराहे पर जलभराव की समस्या का तात्कालिक समाधान करते हुए एनएचएआई की निर्माणदायी कंपनी के ठेकेदार ने वहां मिट्टी डलवाने के बाद इंटरलॉकिंग कराई, लेकिन उसके किनारे के हिस्से बजरी-कोलतार के जरिये हाईवे से नहीं जोड़े। इस कारण वहां ठोकरें बन गई हैं और अक्सर रात में तेज गति से आते हुए वाहन चौराहे पर आकर उछलने से असंतुलित हो जाते हैं। इस कमी के कारण वहां कई ई-रिक्शा पलटने के अलावा दोपहिया वाहन चालक घायल हो चुके हैं।
अब बारिश शुरू हो जाने से चौराहे पर इंटरलॉकिंग पानी में डूब जाने से लोगों को पता नहीं चल पाता कि आगे सड़क असमतल है। गड्ढे भी पानी से भर जाने से वाहनों के पलटने का खतरा बढ़ गया है। चौराहे पर लगी हाईमास्ट लाइट कई माह से खराब है, लेकिन उसे भी ठीक नही कराया गया। इन हालात में रात के अंधेरे में कांवड़ियों को चौराहे से निकलते वक्त दिक्कत आना तय है।
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हाईवे के दोनों किनारों पर हो रहा जलभराव
हुल्लापुर से लेकर अल्हागंज नगर पंचायत सीमा तक बरेली-फर्रुखाबाद हाईवे के दोनों किनारों पर बरसाती पानी को निकास नहीं मिलने से जलभराव हो रहा है। यह समस्या हाईवे के उन हिस्सों में ज्यादा है, जहां दोनों ओर ऊंचे नाले बनाए गए हैं। तेज बारिश में नालों का पानी आगे बढ़ने क बजाय ओवरफ्लो होकर हाईवे पर इकट्ठा हो जाता है, लेकिन उसे निकलने में कई घंटे लग जाते हैं।
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हुल्लापुर चौराहे पर बिछी हुई इंटरलॉकिंग की कई बार मरम्मत कराई जा चुकी है। लोग वहां वाहनों की रफ्तार कम नहीं करते। तेज रफ्तार बड़े वाहनों की ठोकर से इंटरलाकिंग और हाईवे के जोड़ वाले हिस्से बार-बार टूट रहे हैं। हाईवे के क्षतिग्रस्त हिस्सों की मरम्मत कराई जाएगी। हुल्लापुर चौराहे पर हाईमास्ट लाइट को लेकर बात हा चुकी है और वहां प्रकाश व्यवस्था भी जल्द ठीक कराई जाएगी।
-नसीम खां, साइट इंजीनियर, मूर्थ (हाईवे की निर्माणदायी संस्था)
अल्हागंज में हुल्लापुर चौराहे पर बंद पड़ीं लाइटें। संवाद
अल्हागंज में हुल्लापुर चौराहे पर बंद पड़ीं लाइटें। संवाद