परौर। बाबा ब्रह्मदेव स्थान पर चल रही रामलीला में सातवें दिन सोमवार को वृंदावन धाम से आई नाट्य मंडली के कलाकाराें ने प्रभु श्रीराम के राजतिलक की तैयारी और रानी कैकई के वरदान मांगने के प्रसंग का मंचन किया। लीला में दिखाया गया कि श्रीराम के विवाह के बाद महाराजा दशरथ उन्हें राजपाट सौंपने की योजना बनाते हैं। अयोध्या नगरी प्रभु श्रीराम के राजतिलक की तैयारी में जुटी है। इसी बीच दासी मंथरा के बहकावे में आकर रानी कैकई ने राजा दशरथ से पुत्र भरत के लिए राजपाट और श्रीराम के लिए 14 वर्ष के वनवास का वरदान मांगकर उन्हें बेचैन कर दिया। राजा दशरथ को पुत्र के लिए रोते देख लीला देख रहे तमाम श्रद्धालु भी द्रवित हो उठे। संवाद
प्रभु श्रीराम ने किया रावण का वध
जैतीपुर। रामलीला में सोमवार को श्रीराम और रावण के बीच युद्ध के बाद रावण के वध की लीला का मंचन किया गया। युद्ध में रावण का वध होते ही श्रद्धालुओं ने भगवान का जयकारा लगाया और इसी के साथ रावण का पुतला धू-धूकर जल उठा। मंचन की व्यवस्था में मुनेंद्र सिंह, ब्रह्मानंद शर्मा, ह्रदयेश, ओमपाल, कृष्णपाल आदि का सहयोग रहा। संवाद
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