कलान। खानपान की वस्तुओं में मिलावट के प्रति जनसामान्य को जागरूक करने के लिए अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से चलाए जा रहे विशेष अभियान के दूसरे दिन खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग की फूड सेफ्टी वैन (सचल प्रयोगशाला) शुक्रवार को सुबह यहां पहुंची। वहां के मेन बाजार स्थित प्रयाग डेयरी के पास जांच शिविर में जनसामान्य द्वारा घरों से लाए गए खाद्य वस्तुओं में मिलावट की मौके पर ही जांच की गई। जांच के दौरान ब्रांडेड नमक में आयोडीन की कमी और बेसन में खेसारी दाल के आटा की मिलावट पाई गई। इस मौके पर विभाग के अधिकारी मिलावट के प्रति जागरूक कर आसान घरेलू तरीकों से मिलावट परखने के तरीके बताए और दुकानदारों ने बिक्री लाइसेंस के लिए पंजीकरण कराया।
वैन पहुंचते ही जांच शिविर में लगने लगी भीड़
अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से आयोजित जागरूकता कार्यक्रम के तहत फूड सेफ्टी वैन कस्बे के मुख्य बाजार में परौर मार्ग पर पहुंची और उसके साथ आए अधिकारियों ने शिविर लगाया। वहां परीक्षण के लिए विभिन्न खाद्य वस्तुओं के नमूूने लेकर आए लोगों की भीड़ जुटने लगी। मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी रवि शर्मा के नेतृत्व में विभागीय अधिकारियों की टीम ने हल्दी, नमक, मिर्च, रिफाइंड तेल आदि खाद्य मसालों व लड्डू, चटनी, खोया, मिठाई, बेसन आदि के एक दर्जन से अधिक नमूनों की निर्धारित मात्रा लेकर उनकी जांच कराई। इस दौरान एक ब्रांडेड कंपनी के आयोडाइज्ड नमक की बोरी से निकाले गए पैकेट की जांच करने पर उसमें आयोडीन नहीं मिला। इसी तरह बेसन के एक नमूने में खेसारी दाल पीसकर मिलाए जाने का भेद खुला। सीएफएसओ शर्मा ने बताया कि अभी लोगों को जागरूक किया जा रहा है और बाद में लिए गए जो नमूने जांच में फेल होंगे, उनसे संबंधित विक्रेताओं के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
खानपान की चीजें धूप से बचाने की सलाह
सीएफएसओ शर्मा ने शिविर में आए लोगों को खाद्य वस्तुओं में मिलावट की स्वयं जांच करने के टिप्स दिए। कहा कि खान-पान की वस्तुओं को धूप से बचाएं क्योंकि उनके अधिकांश लाभकारी अंश धूप से क्षीण पड़ जाते हैं। नमक में आयोडीन इसीलिए कम पाया गया क्योंकि उसकी बोरी खुले स्थान पर धूप में रखी गई थी। उन्होंने घर पर दूध समेत सरसों के तेल में पाम ऑयल की मिलावट परखने के आसान तरीके बताए। मिर्च पाउडर में अखाद्य रंग की पहचान को शीशे के गिलास में आधा पानी भरकर उसमें मिर्च पाउडर डालकर देखने की सलाह दी। बताया कि पानी रंगीन होने पर मानें कि मिर्च में रंग मिलाया गया है और वह खाने योग्य नहीं है।
व्यापारियों को मिली ऑनलाइन पंजीकरण सुविधा
जांच शिविर में व्यापारियों को खाद्य बिक्री लाइसेंस के लिए ऑनलाइन पंजीकरण कराने की सुविधा भी दी गई। इस मौके पर तमाम व्यापारियों ने पंजीकरण को अपने कागजात जमा किए। क्षेत्रीय खाद्य सुरक्षा अधिकारी महेश कुमार वर्मा, समेत एफएसओ जयपाल सिंह, नरेंद्र कुमार शर्मा, अनिल कुमार आदि ने पंजीकरण कराने वाले व्यापारियों को सूचीबद्ध किया।