खुटार। नगर पंचायत क्षेत्र में तालाब की जमीन पर अवैध कब्जों के मामले में जांच के लिए गठित दो टीमों में से एक ने एसडीएम को रिपोर्ट सौंप दी है। जांच के बाद अवैध कब्जे हटाने की कार्रवाई होगी। एसडीएम ने जनवरी और इसके बाद अक्तूबर में टीम गठित की थी।
अमर उजाला ने तालाबों की जमीन पर अवैध कब्जों के खिलाफ अभियान चलाया था। नगर पंचायत क्षेत्र में कुल 33 तालाब हैं। 16 तालाबों पर पूरी तरह कब्जा हो चुका है। इन तालाबों की जगह पर मकान और दुकानें बनी हुईं हैं। तालाबों की भूमि पर दुकानें बनाकर किराया वसूला जा रहा है, लेकिन नगर पंचायत प्रशासन ने आज तक कब्जा हटवाने की जरूरत नहीं समझी है। शेष बचे 17 तालाबों की जमीनों पर भी आधे से अधिक कब्जा कर मकान और दुकानें बना ली गईं हैं।
बता दें कि तालाबों पर अवैध कब्जों का खेल चलता रहा और अधिकारियों को भनक तक नहीं लगी। कई वर्षों में तालाबों की कई बीघा जमीन कब्जाई जा चुकी है। नगर पंचायत में तैनात खुटार का ही एक कर्मचारी तालाबों पर कब्जों के मामले की जानकारी अधिकारियों तक पहुंचने ही नहीं देता था। गोला रोड किनारे बेशकीमती जमीन पर कब्जे के प्रयास में भी इस कर्मचारी का नाम सामने आया था। मामला मीडिया में सुर्खियां बना तो नगर पंचायत ने कार्रवाई की थी।
तत्कालीन डीएम के आदेश पर दर्ज हुई थी 12 लोगों पर रिपोर्ट
खुटार नगर के बीच में कुंडा तालाब है। इसमें आधे नगर का बरसाती और गंदा पानी आता है। बड़े क्षेत्रफल का यह तालाब अवैध कब्जों की मार से सिकुड़ चुका है। वर्ष 2020 में तत्कालीन डीएम के निर्देश पर तालाब पर कब्जे के आरोप में 12 से अधिक लोगों पर रिपोर्ट भी दर्ज कराई गई थी, लेकिन इसके बाद भी कब्जे होने का क्रम जारी है। वर्ष 2023 में एसडीएम के निर्देश पर राजस्व टीम ने तालाब की पैमाइश की थी, लेकिन बाद में मामले में कोई कार्रवाई नहीं की गई। कुंडा तालाब के काफी हिस्से को मिट्टी डालकर पाट कर मकान बना लिए गए। अब भी कई लोग कब्जे की तैयारी में हैं।
जनवरी में कब्जे का मामला आया सामने
जनवरी में तालाबों की भूमि पर कब्जे का मामला सामने आया था। शिकायत के बाद एसडीएम ने टीम का गठन किया था। टीम से तालाबों की पैमाइश कर कब्जेदारों को चिह्नित करने और रिपोर्ट देने के लिए कहा गया था, लेकिन दस माह बीत जाने के बाद भी टीम ने रिपोर्ट देना तो दूर तालाबों की पैमाइश और जांच की जरूरत तक नहीं समझी। इसके बाद फिर शिकायत हुई तो एसडीएम संजय पांडे ने 22 अक्तूबर को फिर से तालाबों पर कब्जों की जांच के लिए टीम का गठन किया। टीम ने जांच कर रिपोर्ट एसडीएम को सौंपी। वहीं, लोगों का कहना है कि हर बार टीम गठित कर चुप्पी साध ली जाती है, इस कारण कब्जे नहीं हट पा रहे हैं। टीम ने अब तक जांच करने की जरूरत ही नहीं समझी है।
खुटार में तालाबों पर कब्जों के मामले में गठित टीम ने रिपोर्ट दे दी है। अभी पूरी रिपोर्ट का अवलोकन नहीं किया है। सोमवार को रिपोर्ट का अवलोकन किया जाएगा और रिपोर्ट के आधार पर आगेे की कार्रवाई की जाएगी। जहां कब्जा है, वहां धारा 67 के तहत बेदखली कराई जाएगी। बाकी तालाबों का सुंदरीकरण कराया जाएगा।
- संजय पांडे, एसडीएम पुवायां