शाहजहांपुर। सीबीएसई की ज्वाइंट डायरेक्टर नीति शंकर शर्मा ने कहा कि बच्चों के साथ उनके अभिभावकों की काउंसलिंग भी होना जरूरी है। इससे बच्चों पर दबाव कम होगा। विद्यार्थियों को तनाव देने के बजाय उन्हें अपने कॅरिअर को चुनने की आजादी दें।
वह सीबीएसई से संबद्ध स्कूलों के प्रधानाचार्यों और काउंसलरों के लिए प्रवेश परीक्षाओं और कॅरिअर संभावनाओं को लेकर आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम में बोल रही थीं। बरेली मोड़ स्थित एक होटल में हुए आयोजन में छह जिलों के 75 प्रधानाचार्य व सीबीएसई स्कूलों के संगठन सहोदय के अध्यक्ष शामिल हुए। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों की काउंसलिंग काफी जरूरी है।
उनके अभिभावकों की काउंसलिंग करने से तनाव काफी कम होगा। लखनऊ के रीजनल ऑफिसर सचिन ठाकुर ने कहा कि सीबीएसई की परीक्षा के लिए तैयारी शुरू कर दें। बोर्ड से आने वाले निर्देशों का शत-प्रतिशत पालन करें। इससे पहले डीएम धर्मेंद्र प्रताप सिंह ने कार्यक्रम का शुभारंभ किया। उन्होंने बताया कि सीबीएसई के स्कूल आधार स्तंभ हैं। स्कूलों की वजह से आमजन तक अपनी बात को आसानी से पहुंचा सकते हैं। बच्चा शिक्षक की बात काफी अच्छे से समझता और वह अपने माता-पिता को समझाता है।
डीआईओएस हरिवंश कुमार व बीएसए दिव्या गुप्ता ने भी विचार व्यक्त किए। इस बीच 12वीं की परीक्षा में प्रदेश में दूसरा स्थान प्राप्त करने वालीं कुर्रियाकलां निवासी आयुषी मिश्रा को सम्मानित किया गया। जयपुरिया स्कूल की छात्राओं ने मां सरस्वती की वंदना, कर्नल अकादमी की छात्राओं ने स्वागत गीत व कैंब्रिज काॅन्वेंट की छात्रा अग्ररिका मिश्रा ने स्वागत गीत प्रस्तुत किया।
शालिनी प्रजापति के संचालन में हुए कार्यक्रम में सहोदय के अध्यक्ष रचित अग्रवाल, सचिव अरुण खंडेलवाल, कमलजीत सिंह, रोहित सिंह, वर्षा अग्रवाल, पूनम चौधरी, सुरेंद्र सिंह, मून जौहरी, अशोक अग्रवाल आदि मौजूद रहे। आभार सिटी कोऑर्डिनेटर राजीव मोहन पांडेय ने जताया।
आयोजन में शाहजहांपुर, लखीमपुर खीरी, पीलीभीत, सीतापुर, हरदोई और फर्रुखाबाद जिलों के सीबीएसई स्कूलों के प्रिंसिपल और काउंसलर मौजूद रहे।