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दरोगा पिटाई प्रकरण: दबिश के नाम पर अभद्रता का आरोप

Wed, 28 Oct 2015 12:02 AM IST
जलालाबाद।
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रामलीला के दौरान दरोगा पिटाई प्रकरण में एकतरफा कार्रवाई करने के बाद सोमवार रात पुलिस ने आरोपियों के घर दबिश देने के नाम पर जमकर मनमानी की। आरोप है कि इस दौरान पुलिस दो घरों में मुख्य दरवाजा तोड़कर अंदर घुस गई। यहां मौजूद औरतों व बुजुर्गों से अभद्रता की गई। साथ ही घरेलू सामान भी तहस नहस कर डाला। भुक्तभोगियों ने पुलिस की इस मनमानी की शिकायत उच्चाधिकारियों से की है।
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भुक्तभोगी तथा रिटायर्ड बैंक मैनेजर गिरीश अग्निहोत्री के अनुसार सोमवार रात करीब 11 बजे घर के लोग सो गए थे। इसी दौरान पहुंची पुलिस ने दरवाजा खटखटाया और जब तक कोई खोलता तब तक वह लोग मेन गेट को तोड़कर अंदर दाखिल हो गए और नामजद को न पाकर घरवालों से अभद्रता तथा गाली गलौज की। इसके बाद पुलिस का दूसरा निशाना पंजाबी अवस्थी का मकान बना। यहां भी दरवाजे को तोड़ने के बाद पुलिस ने वहां रखी चारपाई तथा स्टूल तोड़ डाला और गल्ले की बोरियां फैला दीं। आरोप है कि इसके बाद पुलिस ने चंद्रप्रकाश शुक्ल तथा अशोक शुक्ल के घरों पर दबिश के नाम पर घर के लोगों से अभद्रता की। घरवालों ने रात में ही फोन द्वारा जब उच्चाधिकारियों को अवगत कराया तब पुलिस की मनमानी रुकी। बताते चलें कि रामलीला के दौरान दरोगा के साथ हुई मारपीट मामले में पुलिस ने कस्बे के 11 युवकों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की थी। सोमवार रात उन्हीं आरोपियों की तलाश के नाम पर दबिश दी गई।

दरोगा पिटाई प्रकरण ने पकड़ा तूल
रामलीला में दशहरे के दिन कोतवाली के दरोगा अमित यादव के साथ हुई मारपीट के मामले में बिना जांच पड़ताल के कई युवकों के नाम रिपोर्ट दर्ज कर लेने का आरोप लगाते हुए भुक्तभोगियों ने इसकी शिकायत एसपी समेत कई उच्चाधिकारियों से की है।
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अशोक शुक्ल, मनोज अग्निहोत्री, राजीव शुक्ल, पंजाबी अवस्थी आदि लोगों की ओर से की गई शिकायत में आरोप लगाया है कि उक्त पर्व को रात करीब 11 बजे दरोगा अमित यादव व उनके दो अन्य साथी सादी वर्दी में डांस पार्टी देखने गए थे। आरोप है कि इस दौरान दरोगा समेत ये लोग जब स्टेज पर चढ़कर नाचने लगे तो वहां मौजूद लोगों ने विरोध किया। इसके बाद बात बढ़ जाने पर मारपीट शुरू हो गई। सादे कपड़ों में होने के कारण लोग दरोगा को पहचान नहीं सके थे। उस समय मौके पर कुछ लोगों द्वारा मामले को सुलटवा दिया गया। उधर, पुलिस ने मामले की जांच पड़ताल करने के बजाय 23 अक्तूबर को देर रात 11 युवकों के नाम विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया। इस मामले को लेकर लोगों में काफी विरोध है। मंगलवार को भुक्तभोगी परिवार के दर्जन भर लोग एसपी से मिले और घटना की सही जांच कराकर कार्रवाई किए जाने की मांग की। इसके अलावा मामले की शिकायत डीआईजी से भी की गई है।
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