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पाकिस्तान से व्यापारिक रिश्ते खत्म करे भारत

Wed, 19 Apr 2017 11:47 PM IST
अजय अवस्थी शाहजहांपुर। 
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कवि डॉ. हरिओम पवार - फोटो : अमर उजाला
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बातचीत में प्रख्यात कवि डॉ. हरिओम पवार ने साफ-साफ कहा
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मंचों पर जितना तीखा बोलने के लिए ओज के कवि डॉ. हरिओम पवार ने ज्वलंत कश्मीर मुद्दे पर दो टूक कहा कि भारत पाकिस्तान से व्यापारिक रिश्ते खत्म करे। अब अलगाववादियों से सख्ती से पेश आने की जरूरत है। इसके लिए सिर्फ इच्छाशक्ति जागृत करनी होगी।
मेरठ से गोला गोकरणनाथ कवि सम्मेलन में जाते समय वह कुछ देर के लिए शहर के एक होटल में विश्राम करने के लिए रुके थे। अमर उजाला से बातचीत में कहा कि दो-तीन सवालों के जवाब तो उनके पास भी नहीं हैं। बोले: अलगाववादियाें की सुरक्षा के लिए पूर्व सरकार के मुखिया मनमोहन सिंह मजबूर थे, लेेकिन मोदी क्याें मजबूर हो गए। इन्हीं अलगाववादियाें का खर्च बढ़ाने के लिए पीडीपी नेता असंतोष फैलाते हैं, ताकि खर्च की राशि में मोटी बढ़ोत्तरी की जा सके। हमारी सरकार अलगाववादी ताकतों पर पांच सौ करोड़ रुपये खर्च करती है। अलगाववादी अपने बच्चों को अच्छे स्कूलों में पढ़ाते हैं और दूसरों के बच्चों के हाथों में पत्थर पकड़ा देते हैं। 
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डॉ. पवार यहीं पर नहीं रुके, बोले, विरोध के स्वर पूरे कश्मीर में नहीं उठते, केवल पांच जिलोें में बमुश्किल 15 प्रतिशत लोग ही तमाशा खड़ा करते हैं। शेष देशहित की सोचते हैं, लेकिन सरकार इन 15 प्रतिशत से नहीं निपट पा रही है, यह स्थिति शर्मनाक है। पवार कहने लगे कि एक अलगाववादी को पकड़ लाओ और लाल किला पर उसे गोली मार दो। सारा मामला अपने आप ही निपट जाएगा। 
सरकाराें को मंचों के माध्यम से खरी-खोटी सुनाने वाले डॉ. पवार कहते हैं कि लॉ एंड आर्डर का मामला कोर्ट नहीं तय कर सकती, आतंकियों, अलगाववादियाें और पत्थरबाजों से कैसे निपटा जाए, यह सरकार और सेना तय करेगी। एक सवाल के जवाब में कवि पवार बोले कि भारत दुनिया से कहता घूम रहा है कि पड़ोसी देश को आतंकवादी देश घोषित करें, और स्वयं उसे बेस्ट फेवरिस्ट का दर्जा दे रहा है। सबसे पहले तो भारत ही पाकिस्तान को आतंकवादी देश घोषित करे और वार्ताएं ही नहीं, सारे संबंध-व्यापारिक रिश्ते खत्म करे। 
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ट्रिपल तलाक पर डॉ. पवार ने कहा कि यह कुरीति है, जो खत्म होनी चाहिए। कुछ लोग कहते हैं कि हम इसे तीन साल में खत्म कर देंगे, जब यह कुरीति ही है तो तीन साल क्यों, तीन दिन में ही खत्म क्यों नहीं करते।
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