जलालाबाद में अखिल भारतीय सोअहम महामंडल की ओर से आयोजित संत सम्मेलन में प्रवचन सुनते लोग। संवाद
जलालाबाद। अखिल भारतीय सोअहम महामंडल के संयोजन में आयोजित संत सम्मेलन में रविवार को पीठाधीश्वर स्वामी सत्यानंद महाराज ने कहा कि जीवन में राष्ट्रप्रेम, संस्कृति, शिक्षा और संस्कार का समावेश होना जरूरी है। इन गुणों से मनुष्य के जीवन में आध्यात्मिक और भौतिक उन्नति के साथ ही आचरण, विचार, आहार व रहन-सहन भी शुद्ध हो जाएंगे।
कहा कि आचरण हीन व्यक्ति को वेदों में निहित ज्ञान भी शुद्ध नहीं कर सकता। सही शिक्षा, शुद्ध संस्कार तथा भारतीय संस्कृति के प्रति गर्व की भावना हमें सर्वश्रेष्ठ बना सकती है।
स्वामी प्रीतमदास ने कहा कि बच्चों को राष्ट्रप्रेम की शिक्षा, प्राचीन संस्कृति के प्रति अनुराग बढ़ाने और उन्हें पवित्र संस्कार देने की आज के समय में बहुत आवश्यकता है। इसके लिए घरों से पहल करनी होगी। सर्वप्रथम माताओं को संस्कारित होना होगा। स्वामी प्रणवानंद व स्वामी सच्चिदानंद ने भी बच्चों को संस्कारित करने पर बल देते हुए कहा कि ऐसा करने से ही हम देश को विश्व गुरु बना सकते हैं।
इस दौरान मंच का संचालन स्वामी नारायणा नंद ने किया। अंत में रमेश गुप्ता, वेदप्रकाश, रामगोपाल, राधेश्याम, किरणेश प्रधान आदि ने भगवान की आरती की।