शाहजहांपुर। मरीजों को आराम की नसीहत देते हुए डॉक्टरों को तो आपने सुना होगा, लेकिन राजकीय मेडिकल कॉलेज का हाल इसके उलट है। मौसम में बदलाव की वजह से यहां बुखार-डायरिया के मरीजों को बीमारी के बावजूद कतार में खड़े होकर जूझना पड़ रहा है।
ओपीडी में भीड़ के कारण डॉक्टर तक पहुंचने और दवा लेने में भी मरीजों को पसीने छूट रहे हैं। शुक्रवार को ओपीडी में मरीजों ने 1796 नए पर्चे बनवाए। बावजूद, प्रबंधन ने कर्मचारियों की संख्या नहीं बढ़ाई। मेडिकल कॉलेज में ओपीडी खुलने पर पर्चा बनवाना सबसे बड़ी चुनौती होती है। पर्चा बनवाने के लिए ही लंबी लाइन रोजाना लग रही है। इसके बाद डॉक्टर को दिखाने के लिए अलग से जूझना पड़ता है।
मरीजों की भीड़ के चलते डॉक्टर के चैंबर के बाहर लंबी लाइन लग जाती है। ओपीडी में तीन डॉक्टर होने के बाद भी मरीजों का नंबर जल्दी नहीं आता। इसी तरह दवा लेना भी आसान नहीं है। चार काउंटर होने के बाद भी दवा लेने के लिए काफी समय खराब होता है। बुखार और वायरल डायरिया से पीड़ित मरीजों की संख्या अधिक होने के चलते खून की जांच कराना भी आसान नहीं है।
शुक्रवार को मात्र दो कर्मचारी ही सैंपल लेते नजर आए। काफी भीड़ होने के बाद भी कर्मियों की संख्या में इजाफा नहीं हुआ। इनके जिम्मेदार भी मौके पर नहीं थे। बृहस्पतिवार को भी 1313 नए पर्चे बने थे।
वार्ड भी फुल होने के कगार पर
-राजकीय मेडिकल काॅलेज में वार्ड फुल होने के कगार पर पहुंच गए हैं। करीब एक सप्ताह पहले मरीजों की संख्या बढ़ने पर एक बेड पर दो से तीन मरीज भर्ती मिले थे। हालांकि, वर्तमान समय में करीब 50 बेड खाली बताए गए हैं।
330 बेड का राजकीय मेडिकल कॉलेज है।
100 बेड अतिरिक्त डलवाए गए हैं।
380 मरीज शुक्रवार को अस्पताल में भर्ती थे।
150 से अधिक मरीज ट्रामा सेंटर में रोजाना आ रहे हैं।
550 से ज्यादा मरीज फिजिशियन चैंबर में पहुंचते हैं।
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भीड़ देखकर सीएमओ खुद देखने लगे मरीज
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सीएमओ डॉ.आरके गौतम शुक्रवार को मदनापुर सीएचसी का निरीक्षण करने पहुंचे। वहां ओपीडी में अधिक भीड़ मिलने पर वह स्वयं ही मरीज देखने के लिए बैठ गए। उन्होंने बुखार, सीने में दर्द, आंख में जलन, पेट में दर्द आदि के करीब 25 मरीजों का परीक्षण करने के बाद दवा दी। अस्पताल के निरीक्षण में सीएमओ को शौचालय में गंदगी मिलने पर एमओआईसी को सुधार के निर्देश दिए। साथ ही बेंच डलवाने के लिए कहा है।
-अस्पताल में सीमित संसाधन हैं। उन्हीं से मरीजों का उपचार किया जा रहा है। चुनाव के बाद स्टाफ में बढ़ोतरी होने की संभावना है।
डाॅ. नेपाल सिंह, सीएमएस