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दोपहर तक तबीयत रही नासाज

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शाहजहांपुर। एलएलएम की छात्रा से दुष्कर्म के आरोप से घिरे पूर्व केंद्रीय गृह राज्यमंत्री स्वामी चिन्मयानंद की तबीयत दोपहर तक नासाज रही, डॉक्टर ने उन्हें हार्ट में परेशानी बताते हुए केजीएमसी लखनऊ ले जाने की सलाह दी। लेकिन दोपहर बाद स्वामी ने खुद की हालत में सुधार बताते हुए आश्रम के सेवादार से मुमुक्षु आश्रम स्थित दिव्यधाम ले चलने को कहा, जिस पर उन्हें बृहस्पतिवार शाम 4:45 बजे मेडिकल कॉलेज से उनके मुमुक्षु आश्रम स्थित दिव्यधाम में उन्हें पहुंचा दिया गया।
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स्वामी चिन्मयानंद को बुधवार शाम करीब पांच हालत बिगडने पर मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया था, जहां उनका उपचार मेडिकल कॉलेज के डॉक्टर अंबुज यादव के नेतृत्व में तीन डॉक्टरों का पैनल कर रहा था। बृहस्पतिवार को उनका अल्ट्रासाउंड कराया गया और जांच के लिए ब्लड सेंपल भी लिया गया। स्वामी चिन्मयानंद की हालत में देर रात मामूली सुधार हुआ था। ब्लडप्रेशर और शुगर सामान्य था लेकिन सुबह होते-होते उनका शुगर और ब्लड प्रेशर बढ़ गया। डॉक्टरों के पैनल ने उनका स्वास्थ्य परीक्षण करने के बाद उन्हें दवा दी, तब कुछ राहत मिली लेकिन स्थिति पूरी तरह से ठीक नहीं हुई। हालत में सुधार नहीं होने की वजह से उन्हें रेफर किए जाने की अटकलें तेज हुईं, फिर उन्हें रेफर करने की तैयारी कर दी गई। लेकिन स्वामी ने खुद की हालत में सुधार बताते हुए आश्रम के सेवादार से मुमुक्षु आश्रम स्थित दिव्यधाम ले चलने को कहा, जिस पर उन्हें बृहस्पतिवार शाम 4:45 बजे मेडिकल कॉलेज से उनके मुमुक्षु आश्रम स्थित दिव्यधाम में उन्हें पहुंचा दिया गया। वहीं मेडिकल कॉलेज की पीआरओ पूजा पांडेय से पूछा गया कि सोमवार रात स्वामी की अचानक तबीयत बिगडने पर आश्रम में उनका इलाज करने के लिए डॉक्टरों की टीम किसके आदेश पर गई थी, इस पर उन्होंने बताया कि एसआईटी की सूचना पर डॉक्टरों की टीम भेजी गई थी। स्वामी एसआईटी की बिना मर्जी के कहीं आ जा नहीं सकते, इसलिए उन्हें मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है। वह पुलिस की निगरानी में हैं। स्वामी चिन्मयानंद को बुधवार शाम को मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया था। उन्हें प्राइवेट वार्ड के आठ नंबर कमरे में रखा गया है। जहां उनका इलाज चल रहा था। दोपहर बाद हार्ट में दिक्कत की वजह से उन्हें लखनऊ ले जाने की सलाह दी गई लेकिन वह दिव्यधाम पहुंच गए।
स्वामी चिन्मयानंद के हार्ट में दिक्कत बताई गई और लखनऊ केजीएमसी ले जाने की सलाह दी गई लेकिन वह बोले मेरा इलाज आयुर्वेदिक तरीके से होगा, यह कहते हुए खुद यहां से चले गए।
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डॉ. एमएल अग्रवाल, मेडिकल कॉलेज प्रोफेसर
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